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Vasantpanchami par sarswati puja ki vidhi

वसंतपंचमी पर सरस्वती पूजा की विधि 10 फरवरी 2019 को है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है और मां सरस्वती से ज्ञान, विद्या, बुद्धि और वाणी के लिए विशेष वरदान मांगा जाता है। माँ सरस्वती की पूजा में सफ़ेद और पिले फूलों का बहुत महत्त्व है। विद्यालयों, कॉलेज और शिक्षण संस्थाओं में वसंत पंचमी के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन रखे जाते हैं।

वसंतपंचमी पर सरस्वती पूजा की विधि 

– वसंत पंचमी के शुभ मुहूर्त में किसी शांत स्थान या मंदिर में पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें।

– अपने सामने लकड़ी का एक बाजोट रखें। बाजोट पर सफेद वस्त्र बिछाएं तथा उस पर सरस्वती देवीका चित्र लगाएं।

– उस बाजोट पर एक तांबे की थाली रखें। यदि तांबे की थाली न हो, तो आप अन्य पात्र रखें।

– इस थाली में कुंकुम या केसर से रंगे हुए चावलों की एक ढेरी लगाएं।

अब इन चावलों की ढेरी पर प्राण-प्रतिष्ठित एवं चेतनायुक्त शुभ मुहूर्त में सिद्ध किया हुआ ‘सरस्वती यंत्र’ स्‍थापित करें।

– इसके पश्चात ‘सरस्वती’ को पंचामृत से स्नान करवाएं। सबसे पहले दूध से स्नान करवाएं, फिर दही से, फिर घी से स्नान करवाएं, फिर शकर से तथा बाद में शहद से स्नान करवाएं।

– केसर या कुंकुम से यंत्र तथा चित्र पर तिलक करें।

– इसके बाद दूध से बने हुए नैवेद्य का भोग अर्पित करें।

– अब आंखें बंद करके माता सरस्वती का ध्यान करें तथा सरस्वती माला से निम्न मंत्र की 11 माला मंत्र जाप करें

|| ॐ श्री ऐं वाग्वाहिनी भगवती सन्मुख निवासिनि सरस्वती ममास्ये प्रकाशं कुरू कुरू स्वाहा: ||

– प्रयोग समाप्ति पर माता सरस्वती से अपने एवं अपने बच्चों के लिए ऋद्धि-सिद्धि, विद्यार्जन, तीव्र स्मरण शक्ति आदि के लिए प्रार्थना करें।

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