श्री गणेश से जुडी कुछ दुर्लभ जानकारी

श्री गणेश से जुडी कुछ दुर्लभ जानकारी

सभी भक्तों में अपने देवता के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानने की जिज्ञासा होती है। इसलिये हमने आज श्री गणेश से जुडी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी जो की श्री गणेश की मूर्तियों में पाई जाने वाली विविधताओं और मूर्ति के विभिन्न भागों के निहित अर्थ को बताता है। 

श्री गणेश से जुडी कुछ दुर्लभ जानकारी
श्री गणेश से जुडी कुछ दुर्लभ जानकारी

– सामान्य रूप से पायी मूर्तियाँ – 
श्री गणपति की मूर्ति को श्री गणपत्ययथर्वशीर्ष में ‘एकदंतम, चतुर्थस्तम् … (एकदंतं चतुर्हस्तं) के रूप में दिया गया है, इसका अर्थ होता यही एकदन्त और चार भुजा वाला जिसके एक हाथ में पाष या अंकुश है, एक हाथ में कमल का फूल, एक हाथ में अन्न और एक हाथ भक्त को आशीर्वाद दे रहा है। चरणों में चुहा बैठा है। सिर पर मुकुट है और शरीर पर कई सारे आभुषण हैं।  श्री गणेश की मूर्तियों में कुछ बदलाव जो की हमें देखने को मिलते हैं 

– मुद्रा – 
गणपति मूर्तियों पद्मासन (एक कमल मुद्रा) या कभी-कभी नृतिममुद्रा (एक नृत्य मुद्रा) में भी देखि जा सकती है। 

– रंग – 
हरिद्रगणपति और उर्ध्वगणपति पिले रंग में बने होते हैं । पिंगलगानापति मनुष्य की त्वचा के रंग में होते है, और लक्ष्मीगणपति श्वेत रंग के हैं। 

– नग्न – 
तंत्र पूजा में, श्री गणपति की मूर्ति ज्यादातर नग्न है। गणेश की शक्ति (दिव्य ऊर्जा) भी मूर्ति के साथ है। 

– स्त्री रूप – 
शाक्त संप्रदाय में, श्री गणपति को स्त्री रूप में पूजा जाता है। 

– गणेश्वरी – 
तमिलनाडु के सुचिन्द्रम मंदिर में गणेश्वरी की एक अत्यंत आकर्षक मूर्ति मिली है। 

– अर्ध गणेश्वरी – 
तंत्र साधना में इसका अत्यधिक सार्थक रूप है।

– गणेशानी – 
यह स्त्री रूप अत्यंत दुर्लभ तांत्रिक-मंत्र पूजा में पाई जाती है।

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