Shri ganesh pratik hai शक्ति, सुरक्षा और बुद्धि……

श्री गणेश प्रतीक है

श्री गणेश प्रतीक हैदेवी देवता उनके चिन्हों, रंगों, हाव-भाव, वस्त्रों, आस पास की वस्तुओँ का गहरा महत्त्व होता है और सभी वस्तुएँ किसी न किसी चीज़ का प्रतिनिधित्व करती हैं।श्री गणेश प्रतीक है शक्ति, सुरक्षा और बुद्धि को दर्शाते हैं और उनका सारा प्रतीकवाद हमें जीवन की भौतिक और सूक्ष्म बाधाओं से सुरक्षित रखने से संबंधित है।

– श्री गणेश का सिर जो की हाथी से लिया गया है – हाथी का विशाल शरीर से सरे जानवरों में सबसे बड़ा है, विशाल होने के साथ ही हाथी बहुत ही शक्तिशाली भी होता है। हाथी शक्तिशाली होने के साथ ही बहुत ही शांत और बेहद अक्लमंद होता है। ऐसा कहा जाता है की हाथी कभी भी रास्ता नहीं भूलते और मनुष्यों के साथ सदियों से इनका एक अटूट रिश्ता रहा है। अर्थार्त श्री गणेश के शरीर पर हाथी का सर शक्ति, बुद्धिमत्ता और सोचने की क्षमता का प्रतिक है। 

– श्री गणेश के बड़े कान – उनकी सुनने की क्षमता को बताते हैं। गण्पति अपने से मदद माँगने वालों की सुनते हैं और साथ ही एक साथ कई सारे भक्तों को एक साथ सुनने की क्षमता को बड़े कान दर्शाते हैं। 

– श्री गणेश का बड़ा माथा – उनकी बुद्धिमत्ता और सोचने की क्षमता का प्रतीक है| 

– श्री गणेश का छोटा मुँह – गण्पति के कम बोलने अधिक सुनने और समझने को दर्शाता है। 

 

श्री गणेश प्रतीक है
श्री गणेश प्रतीक है

 

– श्री गणेश का टुटा हुआ दांत – जीवन में त्याग और परिवार की लिए सम्मान के महत्व को दर्शाता है। गण्पति जी के टूटे दन्त के पीछे एक कथा हैएक दन्त की कथा Video ) की अपने पिता के दिए आशीर्वाद का मान रखने के लिए उन्होंने सब कुछ अपने दांत पर ले लिया और दांत टूट गया। 

– श्री गणेश की छोटी आँखे – लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ने को दर्शाती हैं। 

– श्री गणेश का बड़ा पेट – दर्शाता है की अच्छा हो या बुरा सभी परिस्थियोँ में खुश रहें क्यूंकि जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं पर हर परिस्थिती से लड़ते हुवे हमें आगे बढ़ते रहना है। 

– श्री गणेश की पैरों की स्थिति – एक पावं जमीन पर एक आराम से ऊपर सिहांसन पर भौतिक दुनिया के साथ-साथ आध्यात्मिक दुनिया में रहने और दुनिया में रहने की क्षमता के महत्व को दर्शाता है।

– श्री गणेश के चारो हाथों में जो वस्तुएँ हैं रस्सी – गण्पति जी की उनके सभी भक्तों को मुसीबतों से बाहर खींच निकलने की क्षमता को दर्शाता है। साथ ही यह भी बताता है की श्री गणेश चाहें तो हमारी सारी परेशानियों को बांध कर हमारा कल्याण कर सकते हैं। कुल्हाड़ी दर्शाती है की सभी इच्छाओं, दर्द और पीड़ा को कटा जा सकता है, श्री गणेश कुल्हाड़ी का उपयोग बाधा हटाने और जब चाहें प्रहार करने के लिए सकते हैं। तीसरे हाथ की आशीर्वाद रूपी हाथ की मुद्रा श्री गणेश का अपने भक्तों के प्रति प्रेम और उनका आशीर्वाद दर्शाती है . चौथा हाथ कमल का फूल करता है, और यह मानव विकास के उच्चतम लक्ष्य का प्रतीक है, जो वास्तविक आंतरिक आत्म की मिठास है। 

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