सावन सोमवार व्रत तिथियां शुभ मुहूर्त Sawan Somwar Vrat Date Time 2020

सावन सोमवार पूजा विधि Sawan Somwar Pujan Vidhi

सावन सोमवार- सावन का महीना भगवान् शिव को बेहद प्रिय है. इसीलिए महादेव के सभी भक्त इस माह उनकी विशेष पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसन करते है. मान्यता है की सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार के दिन भोले शंकर की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसी माह से शिवभक्तों द्वारा कांवड़ यात्रा भी शुरू की जाती है। साल 2020 मे इस पावन माह की शुरुआत सोमवार के शुभ संयोग में हो रही है आज हम आपको साल 2020 में सावन माह की संपूर्ण व्रत तिथियां, पूजा विधि और सावन माह में शिव गौरी की पूजा में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताएँगे।

सावन सोमवार व्रत तिथियां – Sawan Somwar all Dates

राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखण्ड के लिए सावन सोमवार व्रत तिथियां–

साल 2020 में इन सभी के लिए सावन महीने की शुरुआत 6 जुलाई सोमवार से होगी और इसकी समाप्ति भी 3 अगस्त सोमवार के दिन होगी। इस बार सावन में कुल 5 सोमवार पड़ेंगे।

06 जुलाई सोमवार, पहला सावन सोमवार व्रत

13 जुलाई सोमवार, दूसरा सावन सोमवार व्रत

20 जुलाई सोमवार, तीसरा सावन सोमवार व्रत

27 जुलाई सोमवार, चौथा सावन सोमवार व्रत

03 अगस्त सोमवार, पांचवां सावन सोमवार व्रत

सावन माह की शुरआत 21, जुलाई मंगलवार से होगी और इसकी समाप्ति 19 अगस्त बुधवार को होगी|

27 जुलाई सोमवार पहला सावन सोमवार व्रत

3, अगस्त सोमवार दूसरा सावन सोमवार व्रत

10, अगस्त सोमवार तीसरा सावन सोमवार व्रत

17, अगस्त सोमवार चौथा सावन सोमवार व्रत

सावन सोमवार पूजा विधि Sawan Somwar Pujan Vidhi

मान्यता है की सावन का महीना सौभाग्य प्राप्ति के लिए विशेष होता है सावन सोमवार के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लेकर शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें महादेव के साथ ही साथ माता पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध अर्पित करे। इसके बाद पंचामृत से महादेव का रुद्राभिषेक कर उन्हें बिल्व पत्र अर्पित करें और शिवलिंग पर धतूरा, बिल्वपत्र, आलू, चंदन, चावल चढ़ाये। भोग के रूप में भगवान शिव को घी व शक्कर का भोग लगाएं और अंत में धूप, दीप प्रज्वलित कर आरती कर प्रसाद वितरण करे.

सावन सोमवार पूजा में रखें ये बाते ध्यान

ऐसा मना जाता है की सावन के महीने के महीने में शिवजी की पूजा में केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और न ही तुलसी का प्रयोग करना चाहिए।

महादेव की पूजा में शिवलिंग पर कभी भी नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए।

जब भी आप भगवान् शिव को जल अर्पित करे तो ध्यान रखे की जल हमेशा कांस्य और पीतल के बर्तन से ही चढ़ाना चाहिए।

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