घुमतेगणेश.कॉम

Shiva Aarti

shiva aarti
shiva aarti

Shiva Aarti

Sheesh Gang Ardhang Parvati

Sada Virajat Kailashi

Nandi Bhriangi Nratya karat Hai
Gun Bhaktan Shiv Ki Dasi

Sheetal Mand Sungand Pawan Bahe
Jaha Biathe Hai Shiv Awinashi
Karat Gaan Gandarva Saptsur
Raag Ragani Ati Gaashi
Karat Gaan Gandarva Saptsur
Raag Ragani Ati Gaashi

Yaksh Raksh Bhairav Jaha Dolat
Bolat Hai Ban Ke Vashi
Koyal Shabd Sunavat Sundar
Bhawar Karat Hai Gunjasi
Koyal Shabd Sunavat Sundar
Bhawar Karat Hai Gunjasi

Kalp Vriksha Aur Paaru Jaat Taru
Laag Rahe Hai Lakshayasi
Kaamdhenu Ko Tik Jaha Dolat
Karat Firat Hai Varshasi
Kaamdhenu Ko Tik Jaha Dolat
Karat Firat Hai Varshasi

Suryakant Sang Parvat Sohe
Chandrakant Bhav Ke Vasi
Chhav To Ritu Nitu Falak Rahat Hai
Pushp Chadat Hai Varshasi
Chhav To Ritu Nitu Falak Rahat Hai
Pushp Chadat Hai Varshasi

Dev Muni Jinki Bheed Padat Hai
Nigam Rahat Hai Jo Nitgaasi
Brahma Vishnu Har Ko Dhyan Dharat Hai
Kachhu Shiv Hamko Farmasi
Brahma Vishnu Har Ko Dhyan Dharat Hai
Kachhu Shiv Hamko Farmasi

Riddhi Siddhi Ke Data Shankar
Sada Anandit Sughrasi
Jinko Simuran Seva Karta
Toot Jaaye Yam Ki Faasi
Jinko Simuran Seva Karta
Toot Jaaye Yam Ki Faasi

Trishul Dhari Ji Ko Dhyan Nirantar
Mann Laga Kar Jo Gaasi
Door Karo Vipda Shiv Tan Ki
Janam Janam Shiv Padpasi
Door Karo Vipda Shiv Tan Ki
Janam Janam Shiv Padpasi

Kailashi Kashi Ke Vashi Baba
Baba Awanashi Meri Suddh Lijo
Sevak Jaan Sada Charananko
Apno Jaan Kripa Kijo
Sevak Jaan Sada Charananko
Apno Jaan Kripa Kijo

Aap To Prabhuji Sada Sayano Bhole
Bhole Aavagun Mero Sab Dhakiyo
Sab Apradh Chhama Kar Shankar
Kinkar Ki Vinti Suniyo
Sab Apradh Chhama Kar Shankar
Kinkar Ki Vinti Suniyo

Abhay Daan Dijo Prabhu Moko
Shakal Shristi Ke Hitkaari
Bhole Naath Baba Bhakt Niranjan
Bhole Naath Baba Bhakt Niranjan
Bhav Bhanjan Bhav Shubhkari
Bhole Naath Baba Bhakt Niranjan
Bhav Bhanjan Bhav Shubhkari

Kaal Haro Har Kast Haro Har
Dukh Haro Daridra Haro Har
Namami Shankar Bhavami Bhole Baba
Namami Shankar Bhavami Bhole Baba
Har Har Shankar Tum Sharnam
Har Har Shankar Tum Sharnam

Bam Bam Bhole Aap Sharnam
Har Har Shankar Aap Sharnam
Bam Bam Bhole Aap Sharnam
Har Har Shankar Aap Sharnam
Bam Bam Bhole Aap Sharnam

Har Har Mahadev
Har Har Mahadev


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दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

शिव पार्वती के विवाह में सम्मिलित होने और विवाह के बाद शिव पार्वती के दर्शन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कैलाश पर्वत की ओर जाने लगे। इतने सरे लोगो में कैलास पर्वत की ओर जाने….


क्यों गणेश पूजा में तुलसी वर्जित है ?

पौराणिक कथा के अनुसार धर्मात्मज की नवयौवना कन्या तुलसी ने विवाह की इच्छा लेकर तीर्थ यात्रा पर प्रस्थान किया।  देवी तुलसी सभी तीर्थस्थलों का भ्रमण करते हुए गंगा के तट……


गणेश चतुर्थी के समापन पर विसर्जन क्या बताता है ?

गणेश चतुर्थी को तीन चरणों में बाँट कर देखा जा सकता है। पहला चरण है आगमन इसमें भक्त गणपति की मूर्ति को मुर्तिकार या बाज़ार से अपने घर,….


गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाए तो क्या करें?

श्री गणेश सभी के चहेते भगवान हैं और वे भी अपने भक्तों को बहुत प्यार करते हैं। किन्तु कई बार भक्त ऐसी दुविधा में फसं जाता है की समझ नहीं ….


गणेश पूजन विधि

हिन्दू धरम शास्त्र के अनुसार किसी भी शुभ काम के करने से पहले गणेश पूजन आवश्यक है। इससे प्रसन्न होकर गणेश जी सारे काम निर्विग्न कर देते है| गणेश पूजन की सरल विधि जो आप आसानी से घर…..


घूमतेगणेश की जानकारी

आमंत्रण
आमंत्रण

घूमते गणेश आयोजन में मंगलमूर्ति श्रीगणेश को आमंत्रित करने के लिए यजमान को शहर के बंधू बांधवो को आमंत्रित करना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग आशीर्वाद ले सके साथ ही गणराज भी भक्तो की भीड़ से आनंदित हो उठे , तीन दिनों के इस आयोजन में विघ्हर्ता के सिंहासन को सजा कर , भक्तो और गणपति.......


कहाँ कहाँ जायेंगे
कहाँ कहाँ जायेंगे

घूमते गणेश आयोजन के तहत मंगलमूर्ति गणराज अपने भक्तों के आमंत्रण पर उनके आयोजनों में सम्मिलित होंगे, जैसे शादी, फैक्ट्री का शुभ आरंभ, नये व्यव्साय का आरम्भ या कोई और शुभ अवसर और अपने आशीर्वाद से उस आयोजन को अभूतपूर्व बनाएंगे और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करेंगे।.........


श्री गणेश

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

शिव पार्वती के विवाह में सम्मिलित होने और विवाह के बाद शिव पार्वती के दर्शन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कैलाश पर्वत की ओर जाने लगे। इतने सरे लोगो में कैलास पर्वत की ओर जाने….



किस युग में गणेश क्या कहलाये…

हर युग में गणपति धरती पर पधारें हैं। हर युग की आवश्यकताओं के आधार पर, श्री गणपति के जो अवतार हुए हैं, वे हैं- क्रतयुग (सत्ययुग) महोक्तक विनायक जो की ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी अदिति से में पैदा हुए थे।


महादेव


एशिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर – जटोली शिव मंदिर 

पहाड़ की पर निर्मित बहुत ही भव्य और शानदार शिव मंदिर जो की दक्षिण-द्रविड़ शैली में बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण जनता के सहयोग से 1974 में किया गया था। जटोली…..



शिवलिंग का अर्थ और उससे जुड़ी मान्यताऐं 

जानकारी और ज्ञान के आभाव के कारण शिवलिंग को कुछ लोग पुरुष के शरीर के एक अंग से सम्बंधित कर भ्रमित करते हैं जबकि यह सच नहीं है। भारत की संस्कृति …….


हनुमान


श्री हनुमान चालीसा

-: दोहा :-
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमनु मुकुरु सुधारि
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार



हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।


श्री शनि देव

Jagannathv
शनि चालीसा

॥दोहा॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

Jagannathv
शनि कवचं

अथ श्री शनिकवचम्
अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः IIअनुष्टुप् छन्दः II शनैश्चरो देवता II शीं शक्तिः II शूं कीलकम् II शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः IIनिलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् II

श्री राम

Jagannathv

श्री राम चालीसा

श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥
ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥
दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥2॥

Jagannathv

आरती श्री राम जी

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्।
नव कंज लोचन, कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
कन्दर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहुं तड़ित रूचि-शुचि