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महामृत्युंजय मन्त्र का १०००८ बार पाठ

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Description

महामृत्युंजय मन्त्र का १०००८ बार पाठ

महामृत्युंजय मंत्र को संजिवनी मन्त्र भी कहा गया है। शिव जी की उपासना और आराधना करने के लिए किया जाने वाले यह मन्त्र ‘महामंत्र’ भी कहा जाता है। महामृत्युंजय मंत्र को संजिवनी मन्त्र इसलिए कहा जाता है क्यूंकि इस मन्त्र में कई शक्तियाँ हैं। इस मन्त्र के उच्चारण से जो ध्वनियाँ उत्पन्न होती हैं वह हमारे शरीर के चारों ओर दैविक शक्तियों का एक कवच सा बना देती हैं। महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जप के कई लाभ है। महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जप करने से विपतियाँ, दुर्भाग्य, अमंगल, दुर्घटना मानव से दूर रहती हैं। नियमित मंत्रोउच्चारण मनुष्य के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लाता है। आप चाहें तो महादेव का अभिषेक करते समय भी महामृत्युंजय मंत्र का जप कर सकते हैं। किसी परिवारजन, मित्र आदि के गंभीर बिमारी की अवस्था में उसके पास महामृत्युंजय मंत्र को निरंतर चलने दें बिमार व्यक्ति की अवस्था में तुरंत ही लाभ दिखने लगेगा। अगर बिमार व्यक्ति के पास यह चलाना संभव ना हो तो आप किसी मन्त्र ज्ञाता को अस्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ लाभ हेतु १००८ बार महामृत्युंजय जप करने का बोल सकते हैं। महामृत्युंजय मंत्र जपने से अकाल मृत्यु तो टलती ही है, आरोग्यता की भी प्राप्ति होती है।

चमत्कारी महामृत्युंजय मंत्र का जप आप नियमीत रूप से कर सकते है किन्तु निम्नलिखित कुछ परिस्थितियों में तुरन्त लाभ के लिए भी विशेष रूप से महामृत्युंजय मंत्र का जप किया जाता है
– किसी गम्भीर महारोग, दुर्घटना से पीड़ित व्यक्ति के पास १००८ बार महामृत्युंजय का निरंतर जप, तुरंत स्वास्थ लाभ प्रदान करता है और रोगी की अवस्था में सुधर लाने में कारगर है।
– महामारी फैली हो और कई लोग उसकी चपेट में आ रहे हों। मानव कल्याण के लिए जितना ज़्यादा हो सके महामृत्युंजय का निरंतर जप सभी के लिए कल्याणकारी होगा और स्थितियों को सुधारेगा।
– राष्ट्र पर भरी विपदा आयी हो जैसे की दूसरे देश ने हमला किया हो, देशवासियों में आपस में परस्पर घोर क्लेश हूँ रहा हो, दंगा भड़का हुआ हो, प्राकृतिक विपदा आयी हो सभी स्थितियों में महामृत्युंजय का निरंतर जप सभी के लिए कल्याणकारी होगा और स्थितियों को सुधारेगा।

Mahamrityunjaya Mantra

Mahamrityunjaya Mantra is also called Sanjivani Mantra means the life saving mantra because this mantra has many powers. This mantra, is performed to worship Shiva. The sounds produced by the utterance of this mantra form a shield of divine powers around our body. Regular chanting of Mahamrityunjaya Mantra has many benefits. Regular chanting of Mahamrityunjaya Mantra keeps the misfortune, adversity, accident away from human beings. Regular chanting brings happiness, prosperity and peace in human life. If you wish, you can chant the Mahamrityunjaya Mantra even while conducting abhishek for Mahadev. In the condition of serious illness of a family, friend etc., let the Mahamrityunjaya mantra continue to run near him, and you’ll see that magically the improvement in the condition of sick person and benefits will start showing immediately. If it is not possible to chant it near sick person, then you can ask someone who is well versed with Mahamrityunjaya to chant it for betterment of sick person, the more times it is chanted it is better but 1008 times is a good number to do so. Chanting Mahamrityunjaya Mantra not only prevents premature death, it also leads to recovery.

One can chant miraculous Mahamrutunjay Mantra regularly but to get immediate relief in below mentioned situations chanting of Mahamrutunjay Mantra is especially advised
– Continuous chanting of Mahamrityunjaya for minimum 1008 times near person suffering from a serious ailment, accident, provides immediate health benefits and is effective in improving the patient’s condition.
– In situation of spread of pandemic disease and many people are in the grip of it. As much as possible for human welfare, continuous chanting of Mahamrityunjaya will be beneficial for all and will improve the conditions.
– In situation of huge calamity on the nation like some other country has attacked, mutual distress among the countrymen, riots have been instigated, natural calamity has come, in all the situations, constant chanting of Mahamrityunjaya will be beneficial for all and the conditions Will improve

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