Navratri kab hai ? इन तारीखों पर करें मां के नौ स्वरूपों की पूजा

Navratri kab hai

Navratri kab se hai

नारी शक्ति की प्रतिक माँ दुर्गा देवी का त्यौहार है नवरात्री। नौ दिन माँ के नौ अलग अलग अवतारों को पूजा जाता है। दुर्गा पूजा या नवरात्री हिन्दुंओं का एक बहुत ही बड़ा त्यौहार है और इस के दौरन सभी भक्त माता से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कई भक्त नवरात्री के दौरन सिर्फ़ जल और फलाहार ग्रहण करते हैं और अन्न को पुरी तरह से त्याग देते हैं, कुछ लोग पुरे नौ दिन नंगे पाँव रहते हैं और चप्पल, जूते कुछ भी धारण नहीं करते। भक्त पैदल माता दे दूर-दराज के मंदिरों में दर्शन के लिए जाते हैं रात रात भर चल कर घण्टों लाइनों में खड़े हो कर मंदिरों में दर्शन प्राप्त करते हैं।  

नवरात्री साल में दो बार आती है। आश्विन माह के दौरान शरद ऋतु की नवरात्रि को विशेष माना गया है। नवरात्री वर्ष के वसंत ऋतु और शरद ऋतु के आगमन का पर्व भी है। नवरात्री माँ की शक्ति जो ही पुरे ब्रहमांड की सृजनकर्ता है का नमन करने, उनका आशीर्वाद प्राप्त करने आशीर्वाद से लाभ प्राप्त करने का त्यौहार है। 

 

 

 
Navratri kab hai
Navratri kab hai

नवरात्री से जुड़ी कथा है जो की अंधकार पर प्रकाश की जीत या कहें तो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाती है। यह कथा दुर्गा माँ और राक्षस महिषासुर के बिच हुई लड़ाई के बारे में है। एक राक्षस था जिसका नाम महिषासुर था। महिषासुर पूरे संसार आतंक कर रखा था। साधु-संत देवी-देवता मनुष्य सभी उससे दुखी थे किन्तु महिषासुर के पास अपार शक्तियाँ थी और इन शक्तियों के कारण देवी-देवता भी उसे पराजित करने में असमर्थ थे। राक्षस महिषासुर से छुटकारा पाने के लिए सभी ने मिल के पुरे नौ दिनों तक दुर्गा माँ के नौ रूपों की अराधना कि और प्रसन हो कर माँ ने राक्षस महिषासुर मार के पृथ्वी को महिषासुर से मुक्त कराया।

नवरात्री और माँ की शक्तियों का वर्णन रामायण में भी है। रामायण के अनुसार श्री राम ने नौ माँ दुर्गा की आराधना की और रावण के विरुद्ध युद्ध किया। दसवें दिन श्री राम ने रावण का वध कर सीता जी को लंका से मुक्त करा लिया। और तभी से नवरात्री के दसवें दिन को विजयादशमी के रूप में मनाया जाने लगा। 

ये हैं मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की तिथि

1. 17 अक्टूबर, प्रतिपदा बैठकी या नवरात्रि का पहला दिन कलश स्थापना। इस दिन मां के शैलपुत्री रूप की पूजा की जाती है।

2. 18अक्टूबर, द्वितीया नवरात्रि दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा।

3. 19 अक्टूबर, तृतीया नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की पूजा।

4. 20 अक्टूबर, चतुर्थी नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा की पूजा।

5. 21 अक्टूबर, पंचमी नवरात्रि का पंचमा दिन मां सरस्वती की पूजा, स्कंदमाता की पूजा।

6. 22 अक्टूबर, षष्ठी नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी की पूजा।

7. 23 अक्टूबर नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि की पूजा।

8. 24 अक्टूबर, अष्टमी नवरात्रि का आठवां दिन मां महागौरी की पूजा।

9. 25 अक्टूबर, नवरात्रि का नौवां दिन नवमी हवन, नवरात्रि पारण।

10. 26 अक्टूबर, दशमी दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी।

कब से शुरू हो रही है नवरात्रि
कब से शुरू हो रही है नवरात्रि

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