गुप्त नवरात्री | Gupt Navratri

Gupt navratri


गुप्त नवरात्री | Gupt Navratri

Gupt navratri

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हर गुप्त मनोकामना पूरी हो गुप्त नवरात्री को। गुप्त नवरात्री पर पूजा करने से हर संकट से मुक्ति मिलती है।धन, ऐश्वर्या, सुख और शांति मिलती है।

– गुप्त नवरात्रि क्या हैं –

बहुत कम ही लोग गुप्त नवरात्री के बारे में जानते हैं। साल में चार नवरात्र होते हैं, पहली प्रकट चैती नवरात्रि, दूसरी प्रकट आश्विन नवरात्रि ये वो हैं जो सब को पता हैं। गुप्त नवरात्री को माघ गुप्त नवरात्रि और आषाढ़ गुप्त नवरात्रि बोलते हैं। गुप्त नवरात्री में दुर्गा माता की रत में गुप्त मतलब बिना किसी को बताय पूजा की जाती है। गुप्त पूजा में भक्त संकटों से मुक्ति, धन,ऐश्वर्या, सुख और शांति के लिए दुर्गा माता की पूजा करता है।

रात को माता को क्या-क्या चढ़ाएं-
अर्द्ध रात्रि में पूजा करि जाती है
– अगरबत्ती और धुप लगा कर
– सरसों के तेल से दीपक जलायें
– दुर्गा माता के चित्र या मूर्ति की को प्रणाम करें
– वस्तुओं का एप्रन करते हुवे ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मन्त्र का जाप करें
– लाल सिंदूर और लाल चुन्नी दुर्गा माँ को अर्पण करें
– गुलाब के फूल, आखा नारियल, केले, सेब, तिल के लडडू, बताशे चढ़ाएं
– काला जामुन का भोग लगाकर मिठाई को दान करें
– दान देने के लिए ८ सिक्के रखें
– 108 की कम से कम 51 माला मन्त्र बोलते हुवे फेरे

अपनी मनोकामना दुर्गा माँ के सामने कागज़ पर लाल स्याही से लिख कर रखें। पर ध्यान रहे की उसे कोई देख न सके।मनोकामना पूर्ण होने पर कागज को जला दें। गुप्त नवरात्री में मानसिक पूजा का महत्व है।