घुमतेगणेश.कॉम

Ganesh Chaturthi 2019

ganesh chaturthi 2019

गणेश चतुर्थी २०१९

गणेश चतुर्थी २०१९ में सोमवार २ सितंबर को होना मानी जा रही है और अनंत चतुर्दशी १२ सितंबर २०१९ गुरुवार को आएगी। 

गणेश चतुर्थी भारतवर्ष में बड़ी ही धूम धाम और श्रद्धा से मनाया जाने वाला पर्व है। आज के परिवेश में ना सिर्फ हिन्दू धर्म को मानने वाले बल्कि कई दुसरे धर्मो को मानने वाले भी श्री गणेश में आस्था रखते हैं और बड़ी ही आस्था के साथ गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश की स्थापना अपने घर या व्यावसायिक स्थलों पर करते हैं। सलमान खान और उनका परिवार इस श्रृंखला में आने वाला सबसे प्रमुख मुस्लमान परिवार है जो की कई सालों से श्री गणेश की स्थापना अपने घर में करता आ रहा है।

Ganesh Chaturthi 2019
Ganesh Chaturthi 2019

पुराणों के अनुसार गणेश चतुर्थी की शुरुआत श्री गणेश के जन्म दिन को उत्सव के रूप में मनाने से हुई है। अर्थार्त गणेश चतुर्थी श्री गणेश का जन्म उत्सव है। इसके लिए जगह-जगह गणेश चतुर्थीके अवसर पर श्री गणेश की बड़ी प्रतिमायें स्थापित की जाती हैं और उनकी पुजा अर्चना की जाती है। गणेश चतुर्थी भारत में ९ दिन के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। जैसा की सभी को ज्ञात है की गणेश को प्रथम पुज्य का स्थान प्राप्त है, इसलिए भारत वर्ष में सभी त्यहारों की शुरुआत गणेश चतुर्थी के बाद से होती है।

गणेश चतुर्थी को इतना विशाल सामाजिक और सार्वजनिक कार्यक्रम बनाने का श्रेय सबसे पहले छत्रपति शिवाजी महाराज को जाता है। उन्होंने मुगल-मराठा युद्धों के बाद  गणेश चतुर्थी के पर्व को लोगों को साथ ला एकजुट करने के लिए करा। इसी से प्रेरणा ले कर 19 वीं शताब्दी में भारतीय स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य तिलक ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ भारतवासियों को एकजुट करने के लिए गणेश चतुर्थी पर्व को एक महत्वपुर्ण मंच के रूप में स्थापित किया।

घुमतेगणेश.कॉम में गणेश मन्त्र , शिवा मंत्र , हनुमान मंत्र सभी तरह के मन्त्र है, और भी गणेश भजन्स , शिव भजन्स , गणेश चालीसा , शिव चालीसा, हनुमान चालीसा , हर तरह के चालीसा हमारे वेबसाइट पर है, गणेश जी की हर तरह की जानकारी है |

 

Ganesh Chaturthi 2019

Ganesh Chaturti 2019 date in india calendar is expected to start on 2nd September which will be a Monday as per this schedule Anant Chaturdashi or ganesh visarjan 2019 will be on 12th September which will be Thursday.

Ganesh Chaturthi 2019 is a festival celebrated with great enthusiasm and reverence in India. In today’s environment, people from other religions, we can say non-hindu’s celebrate Ganesh Chaturthi with great faith in Shri Ganesha. Ganesha is a son of Mata Parvati and God Shiva. Lord Ganesha is a most favourite God of everyone especially children. As ganesha is the God of wisdom and prosperity so people in Hindu religion worship him to get the same.

ganesh chaturthi 2019
ganesh chaturthi 2019

During this ganesh chaturthi 2019 festival Ganesh idol is establishes at his home or commercial places by the devotee and worshiped. Indian bollywood actor Salman Khan and his family are the most prominent Muslim family in the series, who have been bringing Ganesh idol in his house during Ganesh Chaturthi since many years now.

According to the Puranas, Ganesh Chaturthi is the birth festival of Ganesha.So on the occasion of Ganesh Chaturthi, large statues of Shri Ganesha are established, worshiped and celebrated. Ganesh Chaturthi is celebrated in India as a 9-day festival.

Everyone is aware that Ganesha worshiped before all the god’s so Ganesh Chaturthi marks the starting of all Hindu festivals in India.

The first credit for making Ganesh Chaturthi such a huge social and public program goes to great king Chhatrapati Shivaji Maharaj.

After the Mughal-Maratha wars, Chhatrapati Shivaji Maharaj who established the maratha empire used to celebrate the festival of Ganesh Chaturthi to unite people together. With this inspiration, in the 19th century, Indian freedom fighter Lokmanya Tilak established Ganesh Chaturthi as an important platform for uniting the Indians against the British Government.


Notice: Theme without comments.php is deprecated since version 3.0.0 with no alternative available. Please include a comments.php template in your theme. in /var/www/wp-includes/functions.php on line 4592

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

« »

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

शिव पार्वती के विवाह में सम्मिलित होने और विवाह के बाद शिव पार्वती के दर्शन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कैलाश पर्वत की ओर जाने लगे। इतने सरे लोगो में कैलास पर्वत की ओर जाने….


क्यों गणेश पूजा में तुलसी वर्जित है ?

पौराणिक कथा के अनुसार धर्मात्मज की नवयौवना कन्या तुलसी ने विवाह की इच्छा लेकर तीर्थ यात्रा पर प्रस्थान किया।  देवी तुलसी सभी तीर्थस्थलों का भ्रमण करते हुए गंगा के तट……


गणेश चतुर्थी के समापन पर विसर्जन क्या बताता है ?

गणेश चतुर्थी को तीन चरणों में बाँट कर देखा जा सकता है। पहला चरण है आगमन इसमें भक्त गणपति की मूर्ति को मुर्तिकार या बाज़ार से अपने घर,….


गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो जाए तो क्या करें?

श्री गणेश सभी के चहेते भगवान हैं और वे भी अपने भक्तों को बहुत प्यार करते हैं। किन्तु कई बार भक्त ऐसी दुविधा में फसं जाता है की समझ नहीं ….


गणेश पूजन विधि

हिन्दू धरम शास्त्र के अनुसार किसी भी शुभ काम के करने से पहले गणेश पूजन आवश्यक है। इससे प्रसन्न होकर गणेश जी सारे काम निर्विग्न कर देते है| गणेश पूजन की सरल विधि जो आप आसानी से घर…..


घूमतेगणेश की जानकारी

आमंत्रण
आमंत्रण

घूमते गणेश आयोजन में मंगलमूर्ति श्रीगणेश को आमंत्रित करने के लिए यजमान को शहर के बंधू बांधवो को आमंत्रित करना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग आशीर्वाद ले सके साथ ही गणराज भी भक्तो की भीड़ से आनंदित हो उठे , तीन दिनों के इस आयोजन में विघ्हर्ता के सिंहासन को सजा कर , भक्तो और गणपति.......


कहाँ कहाँ जायेंगे
कहाँ कहाँ जायेंगे

घूमते गणेश आयोजन के तहत मंगलमूर्ति गणराज अपने भक्तों के आमंत्रण पर उनके आयोजनों में सम्मिलित होंगे, जैसे शादी, फैक्ट्री का शुभ आरंभ, नये व्यव्साय का आरम्भ या कोई और शुभ अवसर और अपने आशीर्वाद से उस आयोजन को अभूतपूर्व बनाएंगे और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करेंगे।.........


श्री गणेश

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

शिव पार्वती के विवाह में सम्मिलित होने और विवाह के बाद शिव पार्वती के दर्शन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कैलाश पर्वत की ओर जाने लगे। इतने सरे लोगो में कैलास पर्वत की ओर जाने….



किस युग में गणेश क्या कहलाये…

हर युग में गणपति धरती पर पधारें हैं। हर युग की आवश्यकताओं के आधार पर, श्री गणपति के जो अवतार हुए हैं, वे हैं- क्रतयुग (सत्ययुग) महोक्तक विनायक जो की ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी अदिति से में पैदा हुए थे।


महादेव


एशिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर – जटोली शिव मंदिर 

पहाड़ की पर निर्मित बहुत ही भव्य और शानदार शिव मंदिर जो की दक्षिण-द्रविड़ शैली में बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण जनता के सहयोग से 1974 में किया गया था। जटोली…..



शिवलिंग का अर्थ और उससे जुड़ी मान्यताऐं 

जानकारी और ज्ञान के आभाव के कारण शिवलिंग को कुछ लोग पुरुष के शरीर के एक अंग से सम्बंधित कर भ्रमित करते हैं जबकि यह सच नहीं है। भारत की संस्कृति …….


हनुमान


श्री हनुमान चालीसा

-: दोहा :-
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमनु मुकुरु सुधारि
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार



हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।


श्री शनि देव

Jagannathv
शनि चालीसा

॥दोहा॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

Jagannathv
शनि कवचं

अथ श्री शनिकवचम्
अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः IIअनुष्टुप् छन्दः II शनैश्चरो देवता II शीं शक्तिः II शूं कीलकम् II शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः IIनिलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् II

श्री राम

Jagannathv

श्री राम चालीसा

श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥
ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥
दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥2॥

Jagannathv

आरती श्री राम जी

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्।
नव कंज लोचन, कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
कन्दर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहुं तड़ित रूचि-शुचि