श्री-रामचन्द्र-कृपालु-भजु-मन-हरण-भवभय-दारुणम्।-1

राम जी की आरती

Ram ji ki aarti श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख कर कंज पद […] ReadMore »