बेगा तो पधारो गजानंद माहरे आंगणा

बेगा तो पधारो गजानंद माहरे आंगणा,
हो गजानंद माहरे आंगणा,
हो दाता आवो पावणा हो दाता आवो पावणा,
कीर्तन की रात है आई भक्तो में मस्ती चाही,
पृथमे गणराज मनाओ भक्ति में धूम मचाओ,
नाचो गावो सब को नचाओ भक्ति के रंग में धूम मचाओ,
देख सारे भक्त खड़े है।तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,
हो दाता आवो पावणा,
बेगा तो पधारो….

Bega to padharo Gajanand
Bega to padharo Gajanand

भक्तो का प्रेम समझ के आया हु तुझसे मिलने,
फिरू में तेरे पीछे तू गणराज न जाने,
विनती सुनले तू भक्तो की। अर्जी सुनले तू भक्तो की,
पास आया हु में तेरे तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,
हो दाता आवो पावणा,
बेगा तो पधारो गजानंद….

सुनले जरा ओ मेरे बाबा भक्ति की प्यास बुझादे,
हर दम तेरी लगन लगी है आशा के दिप जलादे,
संग संग तेरे भक्त पुकारे अर्जी सुनले सांझ सखा रे,
देख सारे भक्त खड़े है तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,
हो दाता आवो पावणा,