श्री गणेश इनकी पीठ के दर्शन करना क्यों वर्जित है…


श्री गणेश इनकी पीठ के दर्शन करना क्यों वर्जित है…
श्री गणेश इनकी पीठ के दर्शन करना क्यों वर्जित है…

श्री गणेश इनकी पीठ के दर्शन करना क्यों वर्जित है…

प्रथम पुज्य श्री गणेश के दर्शन मात्र किसी भी भक़्त के मन को प्रफुल्लित करने के लिए काफी हैं, इनके नित्य दर्शन से हमारा मन शांत रहता है और सभी कार्य सफल होते हैं।  गणेश जी सभी दुखों को हरने वाले माने गए हैं और अपने भक्तों की प्रगति मार्ग में आने वाले सभी विघ्नों को दूर करते हैं।शत्रुओं से रक्षा करते हैं। पर ही ऐसा भी कहा जाता है की श्री गणेश की पीठ के दर्शन नहीं करना चाहिए।इनकी पीठ के दर्शन करना वर्जित किया गया है। 

गणेशजी के शरीर पर जीवन और ब्रह्मांड से जुड़े अंग निवास करते हैं।गणेशजी की सूंड पर धर्म विद्यमान है तो कानों पर ऋचाएं, दाएं हाथ में वर, बाएं हाथ में अन्न, पेट में समृद्धि, नाभी में ब्रह्मांड, आंखों में लक्ष्य, पैरों में सातों लोक और मस्तक में ब्रह्मलोक विद्यमान है।  गणेशजी के सामने से दर्शन करने पर उपरोक्त सभी सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त हो जाती है। 

ऐसा माना जाता है श्रीगणेश की पीठ पर दरिद्रता का निवास होता है। गणेशजी की पीठ के दर्शन करने वाला व्यक्ति यदि बहुत धनवान भी हो तो उसके घर पर दरिद्रता का प्रभाव बढ़ जाता है।  इसी वजह से इनकी पीठ नहीं देखना चाहिए। जाने-अनजाने पीठ देख ले तो श्री गणेश से क्षमा याचना कर उनका पूजन करें। तब बुरा प्रभाव नष्ट होगा।

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श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
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