शिव का अद्भुत मंदिर

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शिव का अद्भुत मंदिर
– कैलाश मंदिर
– ऐलोरा औरंगाबाद, महाराष्ट्र

भारत का सबसे विशाल, अद्भुत, पौराणिक पाषाण मंदिर है महाराष्ट्र के ऐलोरा औरंगाबाद में स्थित कैलाश मंदिर। आम तौर पर सभी प्रकार के निर्माण निचे से ऊपर की तरफ किये जाते हैं किन्तु कैलाश मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है जो की ऊपर से निचे की ओर बनाया गया है। मतलब की इस मंदिर के निर्माण में पहले कलश और शिखर का निर्माण किया गया और इसी क्रम में बाकि का निर्माण भी हुआ। यह मंदिर अद्भुत वास्तुकला का एक अप्रतिम प्रतिक है। जो भी इस मंदिर को देखता है वो मन्त्रमुद्घ हो जाता है।

शिव का अद्भुत मंदिर
शिव का अद्भुत मंदिर

इस मंदिर की एक और विशेषता जो की इसे अनोखा बनती है वो यह की यह विशाल मंदिर और इतना जटिल निर्माण केवल एक पत्थर को ही काट कर किया गया है, पुरे मंदिर में कही भी कलाकृति, खंबा आदि ला कर नहीं लगाया गया है उसमे कोई जोड़ नहीं है बल्कि सभी कुछ सिर्फ एक ही पत्थर को काट के निर्मित है। शोधकर्ताओं के अनुसार करीब चार लाख टन पत्थर काटकर मंदिर का निर्माण किया गया है जो की वर्तमान समय में अत्याआधुनिक मशीनों के साथ भी एक बहुत विशालकाय कार्य है। कैलाश मंदिर और उसके आसपास का इलाका (ऐलोरा) को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है। यहाँ पर तीन प्रकार की गुफायें मिलती है महायानी बौद्ध गुफ़ाएँ पौराणिक हिंदू गुफ़ाएँ और दिगंबर जैन गुफ़ाएँ।

शिव का अद्भुत मंदिर

कैलाश मंदिर उसके निर्माण आदि के बारे में पौराणिक लेखों में बहुत ज़्यादा लिखा नहीं गया है किन्तु इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह एक राष्ट्रकूट शासक द्वारा कमीशन किया गया था। इसका निर्माण आम तौर पर राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ७५६ -७७३ को माना जाता है, जो दो युगों के आधार पर मंदिर को “कृष्णराज” से जोड़ते हैं

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