बच्चों के नामकरण के लिए गणेश जी के १००८ नाम


बच्चों के नामकरण के लिए गणेश जी के १००८ नाम
बच्चों के नामकरण के लिए गणेश जी के १००८ नाम
  1. गणेश्वरै
  2. गँकरीद्या
  3. गन्नाथ्या
  4. गणाधिपय
  5. एकद्रष्टा
  6. वक्रतुण्डाय
  7. गजवक्रय
  8. महोदरैया
  9. लंबोदर
  10. धूम्रवर्णाय
  11. विकटाय
  12. विघ्ननायकाय
  13. सुमुखिया
  14. दमू
  15. बुद्ध
  16. विघ्नराजय
  17. गजानन
  18. भीमाया
  19. प्रमोदय
  20. अन्नोदय
  21. सूरन नंदया
  22. मोहतकतया
  23. हयरामभय
  24. शामबरया
  25. शंभूवे
  26. लम्बकर्णाय
  27. महाबलाय
  28. नंदनया
  29. आलमपतया
  30. अभिरिव
  31. मेघनादया
  32. गंगाजय
  33. विनयकाया
  34. विरुपाक्ष्या
  35. धीरशुर्या
  36. वरप्रदाय
  37. महा गणपति
  38. बुद्धिप्राय
  39. शिप्रा प्रसादनया
  40. रुद्र प्रिया
  41. गणधरक्षय
  42. उमा पुत्रया
  43. अघनाश्या
  44. कुमार गुरवे
  45. ईशान पुत्रया
  46. मशक वाहनाय
  47. सिद्धि प्रिया
  48. सिद्ध विनायकय
  49. सिद्धाय
  50. अविग्रह
  51. तुम्बरवे
  52. सिम्हावनया
  53. मोहिनी प्रिया
  54. कटकगंताय
  55. राज पुत्रया
  56. शालकया
  57. समिताय
  58. अमिताय
  59. कुष्मा मन्दसम्भव्यते
  60. दुर्जय
  61. धुरजय
  62. जयया
  63. भूपतये
  64. भोवनपते
  65. अव्यय
  66. विश्वकातरे
  67. विश्व मुखिया
  68. विश्व रूपया
  69. निधिये
  70. घरुनी
  71. क्रै
  72. कविता मृषाभ्या
  73. भ्रामण्य
  74. भ्रामनस्पतये
  75. ज्येष्ठा राजय
  76. निधी प्रिया पति प्रिय
  77. सूर्य मंडल मध्य गाये
  78. कराहतिध्वस्त सिंधु सलिलय
  79. पुष्पदंतभेद
  80. उमंगकेलिकुटुकाइन
  81. मुक्तिदा
  82. कुकपालनया
  83. किरीटीन
  84. कुंडलिन
  85. हरीन
  86. वैनमलीन
  87. मान-अय
  88. व्युक्खायत्यादिस्तत्सृते
  89. पादाहतिजितशीति
  90. सद्योजातस्वरमन्नुज्यमेकिलिन
  91. दुधिमित्रिती
  92. द्वास्वप्नहृते
  93. प्रान्याया
  94. गुनिन
  95. नादप्रतिष्ठिताय
  96. सुरुपाय
  97. सर्वनीत्रादिवास्या
  98. विवसना श्राव्या
  99. पीताम्बराया
  100. खंडारदया
  101. खंडेन्द्रुकृत्शेखरि
  102. चित्रांगदश्यामदशनाय
  103. भालचंद्रराय
  104. चतुर्भुजराय
  105. योगधिपया
  106. तारकसत्य
  107. पुरशैया
  108. गजकर्णकाया
  109. गणधरराजय
  110. विजयाधिराजया
  111. गजपतिदेवजीने
  112. देवदेवया
  113. समरपांडिपकाया
  114. वायुकिलकाया
  115. विपस्सचिद्वारदया
  116. नंदनंदभिनालखाया
  117. वराहरदनया
  118. खल्वतश्रृंगिल्यय
  119. खतवांगहिन
  120. खदुरसैदा
  121. गुनधाय
  122. गौनाया
  123. गस्थाय
  124. गद्य पद्य सूरधर्नवय
  125. मृत्युंजय
  126. व्याघराझिनम्बराय
  127. एकहासक्तिधारा
  128. देवव्रत
  129. दैत्यविमर्दनया
  130. शंभुवक्रोध्याय
  131. शम्बूकोपेन
  132. शंभुशैयभुव
  133. शंभुतेज
  134. शिवशोखरिन
  135. गौरीसुखैया
  136. उमंगमलजया
  137. गौरी तेज भुव
  138. स्वाधिम्भव
  139. यज्ञ काया
  140. महानदया
  141. गिरिवाशमरने
  142. शुबनया
  143. सर्वदेवतामणि
  144. ब्रह्मा मुर्गने
  145. कुकुपश्रुते
  146. ब्रह्मधामकुम्भाया
  147. चिल्ली-भलाया
  148. सत्यशिरोरुहाया
  149. जगज्जमध्लोमीनेषिमेशाय
  150. अग्निकारक-द्रुशे
  151. गिरद्रेकाचार्य
  152. गृध्गमेश्यत्
  153. सांभरुत्तय
  154. ग्रथार्षदशन्य
  155. वनजीविहया
  156. वासवानसिकया
  157. कुलचालय
  158. एस-अर्कघंटाया
  159. भीमाया
  160. प्रमोदय
  161. अन्नोदय
  162. सूरन नंदया
  163. मोहतकतया
  164. हयरामभय
  165. शामबरया
  166. शंभूवे
  167. लम्बकर्णाय
  168. रुद्रश्रृंगराय
  169. नादिनंदभुजया
  170. तारकसकाया
  171. भ्राम्यदासनस्थिताचार्य
  172. ब्रह्मविद्यामदोक्तया
  173. व्य-अनभय
  174. श्रीहरिधाय
  175. मेरु प्रतिष्ठा
  176. अर्नवोदय
  177. पृथ्वीवती
  178. सृष्टिलिंग
  179. शाल्व
  180. दशराजनोकाया
  181. पातालजंगया
  182. मुनिपदये
  183. कलंगहोस्तत्रया
  184. त्रियात्नेव
  185. ज्योतिरिन्दा ला लालंगुलया
  186. ह्रदयदयालनशीर्षालय
  187. ह्रीपद्मकर्णिकशालिवैत्यकैलिस-अरववराय
  188. सदभक्तिधनीगढया
  189. पूजविरिनिर्विटाया
  190. प्रतापीने
  191. कश्यपसुताय
  192. गणपय
  193. विष्टपीन
  194. बालिन
  195. यशस्विन
  196. स्वेजसे
  197. प्रथमेय
  198. प्रथमेश्वराय
  199. चिंतामणिदेवपट्टी
  200. कल्पद्रुम-वनालय
  201. रत्नमण्डपमध्यस्तस्य
  202. रत्न सिन्हा श्रेया
  203. त्रिवशिवोद्युतपद
  204. ज्वालिनी मौलिलिताय्या
  205. नंदनंदितपीठश्री
  206. भोगदभूषितासनया
  207. सकामदायिनीपीठयः
  208. स्फुरदुरग्रासनाश्रया
  209. तेजोवतीशिरोरत्न
  210. सत्यनित्यवतीसत्ता
  211. सर्वशक्त्यैम्बिजश्रया
  212. लिपिपादमश्नाधार
  213. वनिधामत्रयराश्रय
  214. अन्नप्रापदया
  215. गुडागुलफाया
  216. साववृत्पशिरनकाया
  217. पिंजंजया
  218. श्रीलताजहंवे
  219. शठुलोरवे
  220. प्रणमत्कते
  221. निम्नाभाय
  222. शुतुलकुक्षेव
  223. पिनवक्शेव
  224. बृहुतभुज्य
  225. पिनाकसंडया
  226. कम्बुकान्तया
  227. लम्बोवस्था
  228. लम्बानासकाया
  229. भगनवमर्दय
  230. तुंगासवदंताय
  231. महांवे
  232. ह्रस्वनेत्रत्रय
  233. शूर्पकर्णकाया
  234. निबिद्मस्तया
  235. स्तब्काकारकुंभघरगया
  236. रत्नमाला
  237. निरंगकुश्या
  238. सर्पहरकीटसुत्रया
  239. सरपयज्ञोपवीत
  240. सर्पकोटिचार्य
  241. सर्पग्रेवयैकतांगया
  242. सर्पक्षोद्बर्भबंध
  243. सर्वपरजोतिर्यकाया
  244. रक्ताया
  245. रक्ताभराय
  246. रक्तामाल्यविभूषाः
  247. रक्षक्षनेया
  248. रक्ताकाराय
  249. रक्तालवोषतापल्लवय्या
  250. श्वेतालय
  251. श्वेताम्बरधराय
  252. श्वेतलमाल्यभिषानाया
  253. श्वेतापटपरुचिरैया
  254. श्वेताचम्राविजितया
  255. सर्वज्ञानजमपुराणलक्षण
  256. सर्वभान्र्सभोदय-लक्षित-ए
  257. सर्वभोष्णस्मिताय
  258. सर्वमंगलमंगल्या
  259. सर्वकर्णकर्णाय
  260. शांगरीने
  261. बीजपीरिन
  262. गदाधरराय
  263. इक्षुलाचलपादराय
  264. शूलीन
  265. चक्रपाणि
  266. श्रोजभृते
  267. पशाइन
  268. धृतपालपा
  269. शालिमंजारिबृद्धे
  270. शवदंतभ्रुत
  271. कल्पवल्लीधर
  272. विश्वंभादिकाराय
  273. वाशिन
  274. अक्षमालाधरराय
  275. नयन मुद्रवते
  276. मुदगारायुध्याय
  277. पूर्णा पटरीन
  278. कंबुधराय
  279. पृथुतिसमुदकाया
  280. मातृसुधाधारी
  281. छुटकलिकाभ्रुते
  282. छुटकलिकाभ्रुते
  283. कुतर्ावतये
  284. पुष्कर स्तस्वर्णघटिपूर्ण-रत्नाभि वार्षकाया
  285. भारती सुंदरी नथैया
  286. विनायकत्रिप्रिया
  287. महालक्ष्मी प्रियतम
  288. गुडागुलफाया
  289. साववृत्पशिरनकाया
  290. पिंजंजया
  291. श्रीलताजहंवे
  292. शठुलोरवे
  293. प्रणमत्कते
  294. निम्नाभाय
  295. शुतुलकुक्षेव
  296. पिनवक्शेव
  297. बृहुतभुज्य
  298. पिनाकसंडया
  299. कम्बुकान्तया
  300. सिद्ध लक्ष्मी मनोरमाया
  301. राम रमेश पुरुवंगया
  302. दक्षिणमीमहेश्वराय
  303. महावीर वमनगया
  304. रति कंदर्पपश्चिमया
  305. अनामोद्मोदयजन
  306. स्प्रामोद प्रमोदनया
  307. समदितस्मृद्धिश्रये
  308. ऋद्धि सिद्धि प्रवरकाया
  309. दत्तासुमुखसुमुखाय
  310. कांतिकंदिलताश्रया
  311. मन्दनवतीश्रृंगारंगराय
  312. क्रतुदामुख्यादुर्मुखाय
  313. विघ्नसम्मेलवोपगण
  314. सेवोनीद्रामद्रव्यः
  315. विघ्नकृतीघनचरनया
  316. द्रविणशक्ति सत्कृत्
  317. त्रिप्रापासनारायण
  318. ज्वालिनिप्लिनिलेकध्रुषे
  319. मोहिनीमोहन
  320. भोगदायिनीकांतिमण्डितया
  321. कामिनीकांतवक्रशरीये
  322. आदिष्टवसुंधरा
  323. वसन्धरमण्डनधाम-शंगनिद-हिप्रभावे
  324. नन्दिसुमतिमुलिमहापद्मिनी-ध-इप्रभावे
  325. सर्व सदगुरु समन्यवय
  326. शौचकीशहरहृदयश्रया
  327. ईशानमूर्घने
  328. देवेन्द्रशिखर
  329. पवनानंदया
  330. अजरप्रतिगयारणाय
  331. दिव्यास्त्रनाप्रेयोग्राइड
  332. ऐरावतदिश्वारं वर्णवर्णप्रिया
  333. वज्रदादस्त्रपारिवर्य
  334. ज्ञानचंदसमश्रया
  335. जयपरिवार
  336. विजयविजयवाह
  337. अजिताचार्यपाब्जया
  338. नित्यानित्यवन्तिसिताय
  339. विलासिनीकृतालास्य
  340. शंदिसुंदरी अमंडिताय
  341. अनन्तानन्तसुखदाय
  342. सुमंगलसुमंगल्या
  343. इक्ष्वाष्टक्यान्शक्तिक्रिया-शा-कतिनविंशति
  344. सुभाषगणश्रीपाद्य
  345. ललिता ललिताश्रया
  346. कामीनामनया
  347. कमलिनी केलीलातया
  348. सरस्वतीश्रया
  349. गौरीनंदन
  350. श्रीनिकेतनय
  351. गुरु गुप्तपाद
  352. वाचसिध्या
  353. वागीश्वरवरिपट्टी
  354. नलिनीकम्यकाया
  355. वामरामय
  356. ज्येष्ठमनर्मय
  357. रौद्रमुद्रिपदबजया
  358. हंबिजया
  359. तुंग शक्तिकाया
  360. विश्वादिजनतारण्य
  361. स्वाहाशक्तये
  362. सकीलकाया
  363. अमृतबिध कुरुवासय
  364. माद्धुर्नाइटलोचन
  365. उचिस्तज्ञान
  366. उचिस्तग्नेश्या
  367. सर्वकालिकासनादि
  368. नित्यशिवैया
  369. दिगंबरया
  370. अनुनय
  371. अनन्तद्रेया
  372. प्रतिमाया
  373. अजरमराय
  374. आनविलाय
  375. अप्रतिरय्या
  376. अच्युताय
  377. अमृतराय
  378. अक्षरा
  379. अप्रकटारया
  380. अक्षयया
  381. अजैय्या
  382. आधारराय
  383. अनामाया
  384. अमलाया
  385. अमोघसिद्धि
  386. जयपरिवार
  387. विजयविजयवाह
  388. अजिताचार्यपाब्जया
  389. नित्यानित्यवन्तिसिताय
  390. विलासिनीकृतालास्य
  391. शंदिसुंदरी अमंडिताय
  392. अनन्तानन्तसुखदाय
  393. सुमंगलसुमंगल्या
  394. इक्ष्वाष्टक्यान्शक्तिक्रिया-शा-कतिनविंशति
  395. सुभाषगणश्रीपाद्य
  396. ललिता ललिताश्रया
  397. कामीनामनया
  398. कमलिनी केलीलातया
  399. सरस्वतीश्रया
  400. गौरीनंदन
  401. अद्वैत
  402. अघोराया
  403. अप्रामितायनया
  404. अन्नकरया
  405. अभिभो-यग्रीबल्घ्नय
  406. आयुक्कलक्षनया
  407. अधारपीठाया
  408. अधार्य
  409. अधार राधेय
  410. एखोकेतन्या
  411. आशा पुरकाय
  412. आखो महा रथ्या
  413. इक्षु सागरमाध्यायस्तया
  414. इक्षु भक्षन लालसाया
  415. इक्षुप्तप्रिक्रीश्रये
  416. इक्षुचाप्निवेस्वते
  417. इंद्रनील समधुते
  418. इंदीवरदलाशमैया
  419. इंदुमंडलमिरालय
  420. इंद्रमप्रिया
  421. इडभगया
  422. आराधामने
  423. इंदिराप्रिया
  424. इस्वाकु विघ्ना विध्वनीसे
  425. इटिकारतयतेपिस्टया
  426. ईशानमाला
  427. ईशानाय
  428. ईशानसूत्र
  429. इत्थने
  430. ईशानत्रया कल्पांतये
  431. इहमात्रा विवाजिताय
  432. उपेन्द्र
  433. उदद्रभानुमूलये
  434. अंडरकैबलिप्रिया
  435. उन्नातन्य
  436. उदरावरिदाशरग्रेन
  437. ऊर्जस्वित करें
  438. उष्मामालदाय
  439. उषापहाधुरसैदा
  440. ऋद्धिसिद्धिप्रदाय
  441. रिंट्रया विमोचकाया
  442. लुप्त विघ्ननायसवक्तं
  443. लुप्त शक्ति सूरदिशा
  444. लुप्त विपत्स नशानाया
  445. एकर पिथा मधेश्य
  446. एकपद्कृत्स्मया
  447. ईजितखिल्यदश्रीये
  448. एधिताखिलामश्श्रेया
  449. ऐश्वर्य निधि
  450. ऐश्वर्या
  451. एहिकमुष्करमिप्रदाय
  452. एराभद्मासमुनेषाय
  453. एरावतीनिभन्नया
  454. -कार वचन
  455. -करैया
  456. ओजस्वते
  457. ओषधिपत्ये
  458. औद्याननिधये
  459. अनौद्यथधुराया
  460. अनुनतायनिसवन
  461. अंकुशायसुरागना
  462. अंकुशायसुरविदिविशम्
  463. ऐमस्त विसर्गपादपादोपारी-कीर्तितय-ए
  464. कमंडलुधराय
  465. कल्पय
  466. करपादन
  467. कलभनय
  468. कर्मक्षेत्र
  469. कर्मकार्टये
  470. कर्म कर्मफलप्रदाय
  471. कदम्गोलककाराय
  472. कूष्माण्डगनायकाया
  473. करुणाध्याय
  474. कपिलाय
  475. कयाक्या
  476. कटिसूत्रभूते
  477. सर्वैया
  478. खड्गप्रियाय
  479. खड्गक्षेत्रंतस्य
  480. खानिमारालय
  481. खल्वतश्रृंगिल्यय
  482. खतवांगहिन
  483. खदुरसैदा
  484. गुनधाय
  485. गौनाया
  486. गस्थाय
  487. गद्य पद्य सूरधर्नवय
  488. शुभ संध्या!
  489. गर्जय
  490. गीतगीरवनपुरवाजय
  491. गृहचार्य
  492. घुइहा
  493. घुइयागमनिरुपीताया
  494. घुबाभिषेय
  495. गुरुगामवाहय
  496. गुरुगुरवे
  497. घंटाघरघारीकमालीन
  498. घटोदर्य
  499. चंदया
  500. चंदेश्वर सूरुड
  501. चंद्रयशा
  502. चंद विक्रमया
  503. चरकपट्टी
  504. चिंतामणि चारवनलालसाया
  505. चन्दन
  506. चंदवोपस
  507. चंदोदुरलक्षय
  508. चंद्रविग्रह
  509. जगध्यायोनय
  510. जगदक्षिणी
  511. जगदीश्या
  512. जगन मईया
  513. जपया
  514. जपराय
  515. जपय्या
  516. झिनवासिम्नासनप्रभेव
  517. झलझोलसोलदानाझंकरिभ-राम- आरा कुलाया
  518. तंजानककर्षपर्वसौरवय
  519. तंजानककर्मणिनुपुराया
  520. तदविपल्लवनाथस्तथा सर्व
  521. मंत्राग्रहि सिद्धये
  522. डिंडीमुनदाय
  523. डाकिनीशाया
  524. डमरिया
  525. डिंडिमप्रिया
  526. धक्कानिनदमुदितया
  527. धौकाया
  528. धुंडी विनायक
  529. तत्त्वनामप्रमत्त्वैव
  530. तत्त्वमपद्निरुपिता
  531. ताराकान्त
  532. तरकाया
  533. ताराकान्त
  534. स्टानवे
  535. स्तनुप्रिया
  536. स्टैत्रे
  537. स्तवराजयंगमंजयगते
  538. दक्ष यज्ञप्रमथनाय
  539. दात्रे
  540. दानवमोहननया
  541. दया वातये
  542. दिव्य विभा
  543. दंडभृत
  544. दंडनायक
  545. दत्तप्रभिनभरणम्
  546. दैत्यता वरदारण्य
  547. द्रष्टमालग्नादिविपघटया
  548. देवार्थ नृगुजक्रतुते
  549. धन्धनायपत्ये
  550. धननया
  551. ढांडया
  552. धरणीधरया
  553. धान्यकप्रकृति
  554. ध्यानाय
  555. ध्यानया
  556. ध्यानपरायण
  557. नंद्या
  558. नंदीप्रिया
  559. नदया
  560. नादमध्यप्रथिस्तया
  561. निस्सलाय
  562. निर्माल्य
  563. नित्या
  564. नित्यानित्य
  565. निर्ममाया
  566. प्रमाशये-ने
  567. पारसमायधामने
  568. परमात्मने
  569. पारसमयपाद
  570. परात्पर
  571. पशुपति
  572. पशुपशिवमोचकाया
  573. पूर्णानंदया
  574. परदेश
  575. संपूर्णानंद
  576. परानंदया
  577. पूरानुप्रोष्टमया
  578. पद्मप्रसन्नीयाया
  579. प्राणप्रणमोचन
  580. प्रमन्प्रत्ययति
  581. प्रणततिनवारण्य
  582. फलस्तया
  583. फानपतई
  584. फातकार्या
  585. फणितप्रिया
  586. बानारोटैंगियिगुल्या
  587. बालकलिकुटुहालाइन
  588. ब्रह्मणे
  589. ब्रह्मचरितपाद
  590. ब्रह्मचारिणी
  591. भृंगसप्तये
  592. भृरनायडाग्रेचचरितकाया
  593. ब्रह्माण्डवल्मेखलाय
  594. भार्गया
  595. भद्राय
  596. भयोपय
  597. भागवत
  598. भगतिसुलभ
  599. भुटियाडा
  600. भूतिभूषणनया
  601. भवाईया
  602. भूतल्या
  603. भोगमदत्तमनोरमाया
  604. मेखलावते
  605. मंडगत
  606. मातृकमलेक्षनया
  607. यदन्यपतये
  608. यज्ञगोपचार
  609. यज्ञफलप्रदाय
  610. यशस्कराय
  611. योगगमय
  612. याज्ञिकया
  613. यचकप्रिया
  614. रसया
  615. रसप्रिया
  616. रसिया
  617. रंजकाया
  618. रावणारोटाय
  619. राजोराक्षाराय
  620. रथनागरभय
  621. राजसुखप्रदाय
  622. लक्षय
  623. लक्ष्यप्रिया
  624. लयस्थय
  625. लड्डुकप्रिया
  626. लास्यपराय
  627. लभकुललोकविश्रुता
  628. वारण्य
  629. वाणीवदनं
  630. वान्याया
  631. वेदांतगोचर्य
  632. विकर्ण
  633. विश्वात्साचचक्षुषे
  634. विधात्रे
  635. विश्वत-उखाया
  636. वामदेवया
  637. विश्वनेत्र
  638. वज्रवृजनिवनाय
  639. विश्वबन्धनविशंभ-धरया-
  640. विश्वरूपप्रभा
  641. शबदब्रह्मण्य
  642. शंपप्रदाय
  643. शम्भुशक्तीगनेश्वरेश्वर
  644. शास्त्री
  645. शिखाग्रनिलाय
  646. शरण्या
  647. शिकरेश्वरैया
  648. शद्रुतुकसुमस्तृग्विने
  649. शदाधराय
  650. शदक्षय
  651. सौसरनंदया
  652. सरुवदनया
  653. सर्वभेजेभेजस्य
  654. श्रीस्तुतिष्ठिल्यैकेरद्या
  655. सुरकुंजरभेदनाया
  656. सिन्धुरितमहाकुम्भाया
  657. सादस्वायदत्तकृत्यकाया
  658. सकरात्मकता
  659. समुद्रमंथनयंत्र
  660. स्वस्वामवेद्या
  661. शवदक्षिनया
  662. स्वातंत्र्य
  663. सत्यसंकल्प
  664. सौमनगरताया
  665. सुखाइन
  666. हवसया
  667. हस्तिपिसाचिसया
  668. हवनया
  669. हव्यकवभूज
  670. हवैया
  671. हुताप्रिया
  672. हर्षाय
  673. हलेकमन्त्रमध्याय
  674. क्षत्रिप्रदाय
  675. शामभात्रे
  676. शमपनारायण
  677. शिप्राकेमकरैया
  678. शेमानंदैया
  679. शोनिसुरधुर्य
  680. धर्मपद
  681. अर्थदण्ड
  682. कामदत्रे
  683. सौभागयवर्धन
  684. विद्याप्रदाय
  685. विभावि
  686. भुक्तिमुक्तिफलप्रदाय
  687. अनभिरूपकरैया
  688. वीरश्रीप्रदाय
  689. विजयप्रदाय
  690. सर्ववशेषकरया
  691. गर्भगृहघ्न
  692. पुत्रा पवद्रय
  693. मेधावी
  694. कीर्तिदेव
  695. शोखनीन
  696. दोराहायनाशिननया
  697. प्रतिवेदिमुखस्तम्भयः
  698. रशटचिप्रस
  699. पारभिकारशमनाय
  700. दुक्खनजंकराया
  701. लाव्या
  702. ट्रूट
  703. कालये
  704. कस्तये
  705. निमिषा
  706. ततपरया
  707. कषाया
  708. घटाये
  709. मुहूर्तये
  710. प्रहारय
  711. दिवा
  712. नकट
  713. अहर्निशम्
  714. पक्षय
  715. मसाया
  716. अयानया
  717. वर्षा
  718. युगया
  719. कल्पय
  720. महालया
  721. रशाय
  722. तराय
  723. तीथये
  724. योगय
  725. वारया
  726. कर्णाय
  727. अनुनाशक
  728. लगनया
  729. होराये
  730. कालचक्र
  731. मुर्दा
  732. सप्तर्षिभ्यो
  733. ध्रुव
  734. राहवे
  735. मंडया
  736. काव्या
  737. जियाया
  738. बुधिया
  739. भौमाय
  740. चमक
  741. रेये
  742. कलाया
  743. श्रेस्टे
  744. सथिटी
  745. विश्वस्त्वारजंगमनच्यते
  746. भुवे
  747. अधिरोपियो
  748. अज्ञेय
  749. मारुत
  750. व्य-ने
  751. अघनक्रुटये
  752. प्रकृती
  753. दंड देना
  754. ब्रह्मने
  755. विष्णवे
  756. शिवाया
  757. रुद्राय
  758. ईशाया
  759. शक्ति
  760. सदाशिव
  761. त्रिदासभ्यो
  762. पितृभ्यो
  763. यक्षभ्यो
  764. रक्षयोभ्यो
  765. किन्नरभ्यो
  766. साध्यभ्यो
  767. विद्याधरेभ्यो
  768. भूतभ्यो
  769. मानुषेभ्यो
  770. पशुभ्यो
  771. खगेभ्यो
  772. समुद्रेभ्यो
  773. सरदीभ्यो
  774. शैलेभ्यो
  775. भूतया
  776. भावोद्भव
  777. सांख्य
  778. पतंजलि
  779. योगय
  780. पुरैनभ्यो
  781. श्रुतये
  782. स्मृति
  783. वेदंगेभ्यो
  784. सदाचार
  785. मीमव्सय
  786. नयविस्तार्य
  787. आयुर्वेद
  788. धनुर्ववेद
  789. गंधर्वय
  790. काव्यनाट्य
  791. वैखानसया
  792. भगवत्ता
  793. सत्वत्व
  794. पंचरचनाय
  795. शैव्या
  796. पशुपति
  797. कालमुखी
  798. भैरवशासन
  799. शाक्तया
  800. वैनायकाया
  801. सौराया
  802. जनाया
  803. अनहंतसुन्हिताय
  804. सत्ये
  805. आसताय
  806. व्यकित
  807. अयक्तया
  808. सेनपनाया
  809. अचतनय
  810. वंध्या
  811. मोक्षया
  812. सुखिया
  813. भोगया
  814. अयोगया
  815. सत्याया
  816. आॅनवे
  817. महाते
  818. स्वाति
  819. हू
  820. फैनम
  821. स्वधा
  822. सवहा
  823. श्रुष्णम्
  824. वज्रनाशम
  825. वसनम
  826. नमो
  827. नयनया
  828. विद्याननया
  829. आनंदया
  830. बोध्या
  831. सावनदेव
  832. शमया
  833. यमया
  834. एकमासये
  835. एकादशरिया
  836. एकशपनारायणाय
  837. एकग्रही
  838. एकवीरया
  839. एकानेकस्वरोपद्रुशे
  840. द्वी रूपया
  841. द्विज भुजया
  842. विद्याक्षय
  843. द्विरदय
  844. द्विपवक्षक्षय
  845. द्वैमातुर्य
  846. द्विदलनाया
  847. दवंडंतितैया
  848. ड्वेटीगया
  849. त्रिधामने
  850. त्रिकार्य
  851. तत्रैर्विरगफलदयालय
  852. त्रिगुणात्मने
  853. त्रिलोकडे
  854. त्रिशक्तिसहाय
  855. त्रिलोचन
  856. चतुर्भैरव
  857. चतुर्मातें
  858. चतुर्मुखाय
  859. चतुर्विरोधोपायमाय
  860. चतुरवर्णाश्रमश्रया
  861. चतुर्मुधं चोवावृती परिव्रुतिपर्वार्थकाय
  862. चतुर्थी पूजन विधान
  863. चतुर्थी तीथि सम्भव
  864. पंचाक्षरात्मने
  865. पंचतम्मन
  866. पंचसहाय
  867. पंचक्रोशीकूट
  868. पंचधरय
  869. पंचवर्णाय
  870. पंचाक्षरीपारायण
  871. पंचतलैया
  872. पंचकार्य
  873. पंचप्रणवभावितया
  874. पंचभ्रमायसुर्फ़ेति
  875. पंचवर्णवरित्याया
  876. पंचभिक्षप्रिया
  877. पंचबनाया
  878. पंचशिवात्मका
  879. शस्तकोणपीठयः
  880. शशताचक्रधामने
  881. शस्त्रग्रन्थिभदकाया
  882. षडधवध्वंतविदवें
  883. शंदगुलमहाराद्यदया
  884. शंमुखाय
  885. शनमुखभ्रवे
  886. शास्ताशकलिपारिवार्तय
  887. शादावैरिवार्गविध्वसे
  888. शादमीरभयभंजनया
  889. शस्तत्कर्दुर्य
  890. शास्त्रकर्णमिरता
  891. शारदाश्रया
  892. सप्तपतालचरण
  893. सप्तद्वीपोरुपमंडलम्
  894. सप्तस्वरलोकमुक्ता
  895. सप्तंगराजसुखदाय
  896. सप्तर्षिमानंदिताय
  897. सप्तचंदोनिधिः
  898. सप्तहोट्रे
  899. सप्तस्वरश्रया
  900. सप्तधिक्लिकरसराय
  901. सप्तगात्रुनीश्विताय
  902. सप्तचंद-ओदमदाया
  903. सप्तचंद-अख्रप्रभे
  904. अस्त्रमुर्तिधेयमूर्ति
  905. आस्थाप्रकाशुकर्ण्य
  906. अनस्तंगयोगफलभुव
  907. आस्थाप्रभुजसनाय
  908. आष्टाष्टकसमृद्धिश्रये
  909. आष्टाएश्वर्यप्राप्योदय
  910. आस्टाफिटोपफिटश्रीये
  911. अस्त्रमात्रसुमावृतस्य
  912. आस्थाभैरवसेव्य
  913. आस्थावासुवन्ध्या
  914. आस्तमूर्तिर्भूते
  915. अष्टचक्रसफ़ुरणमूर्ति
  916. आस्थाद्रव्यविमृप्रिया
  917. नवनागासनध्यासीन
  918. नवनिध्यानुशासित्रे
  919. नवद्वारपुरधारायण
  920. नवधरनिकेतनया
  921. नवनारायणसहायता
  922. नवदुर्गासीश्वरिता
  923. नवनाथमंथनथय
  924. नवनागविभूषण
  925. नवरत्नविचित्रंगराय
  926. नवशक्तिसिरोध्रुत्य
  927. दशत्मकाया
  928. दशभुजा
  929. दशादिकपत्यवन्दित
  930. दशधाय
  931. दशप्रयाण
  932. दशेन्द्रियनिमायाकाया
  933. दशधर्ममन्त्रय
  934. द्वादशाविपविग्रहः
  935. एकादशादिभिर्बुद्धमस्तु
  936. एकादशाक्षर
  937. द्वादशदानंदोदरंडया
  938. द्वादशांतनिकेतन्य
  939. त्रयोदशभिदभिन्नविश्व-देवा-धीदेवताया
  940. चतुष्केन्द्रवरदाय
  941. चतुर्दशमनुप्रभेव
  942. चतुर्दशविद्याध्याय
  943. चतुर्दशजगतप्रभेव
  944. सांपनाचदशाया
  945. पंचदशशिताशुन्यमर्लय
  946. शोडधरनिलाय
  947. षोडस्वर्मत्रुकाया
  948. सिद्धान्तपद्वास्य
  949. षोडशेंदुक्मालाकाया
  950. कालसप्तपदशये
  951. सप्तदश्या
  952. सप्तदशाक्षर
  953. आष्टादशद्विपापते
  954. आस्थादशपुरंकृत
  955. अष्टादशोद्भिषेते
  956. आष्टादशविद्स्मृति
  957. अष्टदशलीपयष्टि-ममिसथ-अननकोविद्या
  958. एकविंशयपुनसे
  959. एकविंशतंगुल्लीपल्लवया
  960. चतुर्विंशतितत्त्वम्
  961. पंचविंशेषाक्षिपुरेशाय
  962. सप्तविंशतिसारेशाय
  963. सप्तविंशतियोगकारकृत्
  964. द्वात्रिश्रुतभैरवाधिष्या
  965. चातुर्निश्चराणांमह्री-दया
  966. शाश्वतृत्सत्त्वस्त्वम्बुत्तये
  967. अनास्तृन्त्सत्कल्पनात्
  968. नमोvarदेकपंचन-मरुद्वर्ग- निर्ग्रलय
  969. पंचदक्षारश्रने
  970. पंचसुद्रुविग्रह
  971. पंचदशविष्णुशक्तिका
  972. पंचश्यामत्रुक्लय
  973. द्विपंचसद्वापुष्पने
  974. त्रिशष्टयक्षरोंश्रयाय
  975. चातुर्मास्यस्तारान्निनत्रे
  976. चतुष्शस्तिकालिद्रये
  977. चतुशष्टमीमहसिद्धियोगी-न-इव्रिन्ध्वन्दितः
  978. आस्थास्तमहातिरथक्षेत्रे-भ-ऐरावभवनाय
  979. चातुर्वर्णविमन्तरात्मानं
  980. शानावत्यधिकाप्रभावे
  981. शतानंदया
  982. शतधरुटी
  983. शतपथरायक्षनया
  984. शतानीकया
  985. शतमखा
  986. शतधरवयुध
  987. सहस्त्रप्रतिनिलाय
  988. सहस्त्रप्रधानमश्नाय
  989. सहस्त्रशीर्षपुष्पस्य
  990. सहस्त्रशक्ति
  991. सहस्त्रपादेय
  992. सहस्त्रनामसनस्तुत्या
  993. सहस्त्रकृपालापहाया
  994. द्वादशास्त्रप्रभृपाणि-रा-जक्रुतसनाया
  995. आस्थाशीतसहस्त्रायधमर-श-इस्तोत्रयनिरितराया
  996. लक्षदीशप्रियादवय्या
  997. लक्षदर्मन-अयाया
  998. चतुर्लक्षप्रकाशिताय
  999. चतुरलक्षजापत्रय
  1000. चतुरशिलाकिशनजीवन-देह-अनास्थिताय
  1001. कोटिसुप्रतिरक्षा
  1002. कोटिचंद्रशुनिर्मालय
  1003. शिवभगवदुष्टकोटिनाय-कुधु- रंध्रया
  1004. सप्तकोटिमन्त्रमन्त्र-तव-यद्धयुत
  1005. त्रैसिन्तरसातकोटिसुरसन्नि-प- रणतपदुकाय
  1006. अनंतात्मने
  1007. अनंतश्री
  1008. अनंतंत सौख्य दया

बच्चों के नामकरण के लिए गणेश जी के १००८ नाम

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[Shree Siddhivinayak Temple] भगवान गणेश को समर्पित सिद्धिविनायक मंदिर सपनों की नगरी मुंबई के प्रभादेवी में स्थित

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर..


तीन आंखों वाले श्री गणेश का मंदिर ( राजस्थान सवाई माधोपुर )

यह स्वयंभू गणपति रणथंभौर जंगल में एक पहाड़ की चट्टान से प्रकट हुआ है जो समुद्र तल से 2000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मन्दिर


शुभ मंगल का प्रतिक स्वस्तिक 

स्वस्तिक पुरे युरेशिया (यूरोप और एशिया) में स्वस्तिक पुरातन धार्मिक चिन्ह के रूप में जाना जाता है। भारतीय संस्कृति में स्वस्तिक को देवत्य और आध्यात्मिकता के प्रतिक के रूप में उपयोग किया जाता रहा है।..


क्यों करें घर में गणेश विसर्जन?

श्री गणेश के लाखों भक्त है और गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में भारत वर्ष के लगभग हर घर में गणपति जी की स्थापना की जाती है। हर घर गणेश, घर घर गणेश। और जैसे की स्थापना की जाती है…..


Bada Ganpati Indore | बड़ा गणपति इंदौर

बड़ा गणपति इंदौर – जैसा की नाम से प्रतीत होता है बड़ा गणपति मंदिर में श्री गणेश की विशाल मूर्ति है। मूर्ति की बड़े आकर के कारण भक्तों ने इसका नाम…..


गणेश चतुर्थी क्यों मनाई जाती है?

पुरे विश्व में गणेश चतुर्थी को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है और सभी गणेश भक्त 10 दिनों तक गणपति की बड़ी सेवा करते हैं। श्री गणेश, महादेव


घूमतेगणेश की जानकारी

आमंत्रण
आमंत्रण

घूमते गणेश आयोजन में मंगलमूर्ति श्रीगणेश को आमंत्रित करने के लिए यजमान को शहर के बंधू बांधवो को आमंत्रित करना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग आशीर्वाद ले सके साथ ही गणराज भी भक्तो की भीड़ से आनंदित हो उठे , तीन दिनों के इस आयोजन में विघ्हर्ता के सिंहासन को सजा कर , भक्तो और गणपति.......


कहाँ कहाँ जायेंगे
कहाँ कहाँ जायेंगे

घूमते गणेश आयोजन के तहत मंगलमूर्ति गणराज अपने भक्तों के आमंत्रण पर उनके आयोजनों में सम्मिलित होंगे, जैसे शादी, फैक्ट्री का शुभ आरंभ, नये व्यव्साय का आरम्भ या कोई और शुभ अवसर और अपने आशीर्वाद से उस आयोजन को अभूतपूर्व बनाएंगे और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करेंगे।.........


श्री गणेश


[Shree Siddhivinayak Temple] भगवान गणेश को समर्पित सिद्धिविनायक मंदिर सपनों की नगरी मुंबई के प्रभादेवी में स्थित

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर..



श्री सिद्धिविनायक मंदिर – न्यू जर्सी

श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यू जर्सी (यूएसए) 1916 Lakewood Rd।, टॉम्स नदी, एनजे 08755 2012 के अंत में 6 एकड़ की संपत्ति खरीदी गई थी; भूमिपूजन जून में किया गया था; चरण 1 में , 3,300 वर्ग फुट पर मंदिर और अन्य साइट जैसे कि पार्किंग स्थल, भूनिर्माण, साइनेज को उसी गर्मियों में मंजूरी दी गई थी। मुंबई के […]



[Shree Siddhivinayak Temple] भगवान गणेश को समर्पित सिद्धिविनायक मंदिर सपनों की नगरी मुंबई के प्रभादेवी में स्थित


परिचय

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर प्रभादेवी, मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। इस मंदिर को 19 नवंबर 1801 में लक्ष्मण विठु और देउबाई पाटिल ( Mrs.Deubai Patil ) द्वारा बनाया गया था। सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई में सबसे अमीर मंदिरों में से एक है और अक्सर यहाँ प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता और राजनेता दर्शन के लिए आते है ।

आज मुम्बई का सिद्धिविनायक मंदिर (siddhivinayak temple)  के शीर्ष पर एक स्वर्ण गुंबद के साथ एक अनूठा छह मंजिला निर्माण है। श्री सिद्धिविनायक की काली मूर्ति में एक असामान्य विशेषता है, सूंड दाईं ओर मुड़ता है जो अक्सर गणेश मूर्तियों पर नहीं मिलता है।

मुंबई के सबसे व्यस्त मंदिरों में से एक होने के कारण, लोग अक्सर सिद्धिविनायक लाइव दर्शन के लिए कतार लगाते हैं।
मंदिर को दो द्वार हैं, जिनसे भक्त मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं। सिद्धि गेट आपको मुफ्त दर्शन की अनुमति देता है जबकि रिद्धि गेट आपको एक सामान्य दर्शन की अनुमति देता है और सामान्य दिन दर्शन में लगभग 30-45 मिनट और मंगलवार को लगभग 1.5 -2 घंटे लगते हैं। सिद्धिविनायक मंदिर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था करता है । यहां तक ​​कि आप सिद्धिविनायक जी के ऑन लाइन लाइव दर्शन भी कर सकते हैं।


इतिहास [siddhivinayak temple history]

यह मंदिर प्रभादेवी में काकासाहेब गाडगिल मार्ग और एसकेबोले मार्ग के कोने पर है, यह एक पेशेवर ठेकेदार, स्वर्गीय श्री लक्ष्मण विठू पाटिल द्वारा स्वर्गीय श्रीमती देउबाई पाटिल ( Mrs.Deubai Patil ) के वित्तीय समर्थन और निर्देशों के अनुसार बनाया गया था। , जो माटुंगा से आग्री समाज की एक अमीर महिला थी। हालाँकि वह काफी अमीर थी, पर उनका कोई बच्चा नहीं था। 

मंदिर के निर्माण का विचार प्रार्थना के समय स्वर्गीय देउबाई ( Mrs.Deubai Patil )को आया था, उन्होंने विनम्रतापूर्वक भगवान गणेश से अनुरोध किया और कहा, “हालाँकि मुझे कोई बच्चा नहीं हो सकता है, पर अन्य महिलाओं को जो निःसंतान हैं, मंदिर जाने पर और प्रार्थना करने पर संतान का सुख प्राप्त करें । मंदिर के सफल बाद के इतिहास को देखते हुए, ऐसा प्रतीत होता है कि भगवान गणेश ने इस विनम्र अनुरोध और स्वर्गीय देउबाई पाटिल ( Mrs.Deubai Patil ) के पवित्र विचारों और कार्यों के लिए सिर हिलाया। इसलिए, यह सिद्धिविनायक इसके लिए प्रसिद्ध है और मराठी में “नवसाचा गणपति” या “नवसाल पावनरा गणपति” के रूप में जाना जाता है।


श्री सिद्धिविनायक (shri siddhivinayak)  की मूर्ति को एक काले पत्थर से उकेर कर बनाया था और उनकी दाईं ओर सूंड के साथ 2’6 ”(750 मिमी) ऊँचा और 2’ (600 मिमी) चौड़ी बनाई है।
यह भगवान गणेश की असामान्य उपस्थिति है। और उनके ऊपरी दाएं एक कमल और बाएं हाथ एक कुल्हाड़ी हैं, जबकि निचले दाएं एक माला (जपमाला) और बाएं हाथ “मोदक” से भरे हुए हैं। एक सांप बाएं कंधे पर दाईं ओर से पेट पर दिखाई देता है। देवता के माथे पर एक आंख है जैसा कि यह पवित्र धागा है,
भगवान गणेश की मूर्ति के दोनों किनारों पर, एक-एक मूर्ति राखी है जो की रिद्धि और सिद्धि देवी की है, जो पीछे से गणेश की मूर्ति से बाहर झांकते हुए दिखाई देते हैं। भगवान गणेश के साथ इन दो देवताओं के कारण, इस मंदिर को सिद्धिविनायक गणपति मंदिर के रूप में जाना जाता है। ये देवी पवित्रता, सफलता, धन और समृद्धि का प्रतीक हैं।

लगभग 125 साल पहले, श्री अक्कलकोट स्वामी समर्थ के महान शिष्य, स्वर्गीय रामकृष्ण जम्भेकर महाराज, जो भगवान गणेश और गायत्री मंत्र के भी भक्त थे, जो सिद्धि का आशीर्वाद था। एक दिन स्वामी समर्थ ने श्री जम्भेकर से दिव्य मूर्तियाँ लाने को कहा। मूर्तियों में से, दो मूर्तियों को छोड़कर, स्वामी समर्थ ने एक अन्य शिष्य श्री चोलप्पा के घर के सामने के आंगन में दफनाने के लिए कहा, जहाँ स्वामी समर्थ अस्थायी रूप से निवास करते थे। श्री जम्भेकर को भगवान गणेश के सामने दो मूर्तियों को अमानवीय करने के लिए भी कहा गया था कि वे आमतौर पर पूजा करते थे। स्वामी समर्थ के साथ अपनी उपस्थिति के दौरान, श्री जम्भेकर ने भविष्यवाणी की कि 21 साल बाद एक मंदिर का पेड़ इस स्थान पर बढ़ेगा, वहासे स्वयंभू गणेश पवित्र स्थान पर दिखाई देंगे। उसके बाद से लोगों की भक्ति आगे बढ़ती जाएगी।

कुछ वर्षों के बाद, मुंबई के दादर में समुद्र तट के पास जम्भेकर महाराज, जिन्होंने स्वर्गीय पुजारी गोविंद चिंतामण फतक से कहा कि वे श्री सिद्धिविनायक मंदिर की नियमित धार्मिक पूजा आदि करें। पुजारी फाटक के पूर्ववर्ती स्वर्गीय नामदेव केलकर मंदिर में पुजारी-लकड़ी का काम करते थे।

उपलब्ध जानकारी और रिकॉर्ड से, मंदिर परिसर की भूमि लगभग 2550 वर्गमीटर थी। मंदिर के पूर्वी और दक्षिणी ओर एक झील थी, जो लगभग अनुमानित 30 x 40 वर्गमीटर थी । इस झील का निर्माण नारदुल्ला द्वारा 19 वीं शताब्दी में किया गया था, ताकि क्षेत्र में आने वाले पानी की कमी को दूर किया जा सके। झील, बाद में, भरा हुआ था, और अब यह खेल का मैदान है और काकासाहेब गाडगिल मार्ग का एक हिस्सा है।


सिद्धिविनायक मंदिर (siddhivinayak mandir)आरती

श्री सिद्धिविनायक (shree siddhivinayak) की आरती दिन, मौसम और त्योहार के अनुसार अलग अलग समय की जाती है

सोमवार और बुधवार (siddhivinayak temple timings)

काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – प्रातः ५:३० से ६:०० बजे
श्री दर्शन – सुबह ६:०० बजे से दोपहर १२:१५ बजे तक
नैवेद्य – दोपहर 12:15 बजे से 12:30 बजे तक
श्री दर्शन – दोपहर 12:30 बजे से शाम 7:20 बजे तक
आरती या शाम की प्रार्थना – शाम 7:30 बजे से रात 8:00 बजे तक
श्री दर्शन – रात्रि ८:०० बजे से ९: ५० बजे तक
मंदिर बंद होने से पहले अंतिम आरती – सुबह 9:50 बजे

मंगलवार

श्री दर्शन – 3:15 AM से 4:45 AM
काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – सुबह 5:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक
श्री दर्शन – सुबह ५:३० से १२:१५ बजे
नैवेद्य – दोपहर 12:15 बजे से 12:30 बजे तक
श्री दर्शन – दोपहर 12:30 बजे से 8:45 बजे तक
आरती या रात की प्रार्थना – ९: ३० बजे। से रात 10:00 बजे तक
मंदिर बंद होने से पहले शेजार्ती या अंतिम आरती – 12:30 पूर्वाह्न

विनायकी चतुर्थी

काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – सुबह 5:30 बजे से शाम 6 बजे तक
श्री दर्शन – सुबह ६:०० बजे से शाम 6:३० बजे तक
अभिषेक, नैवेद्य और पूजा आरती – सुबह 7:30 बजे से दोपहर एक बजे तक (इस दौरान मंदिर के अंदर भक्तों को जाने की अनुमति नहीं है)
श्री दर्शन – दोपहर १:०० से 1:२० तक
आरती या शाम की प्रार्थना – शाम PM:३० बजे से Pr:०० बजे तक
श्री दर्शन – रात्रि PM:०० बजे से ९: ५० बजे तक
मंदिर बंद होने से पहले शेजार्ती या अंतिम आरती – रात 9:50 बजे

संकष्टी चतुर्थी

श्री दर्शन प्रातःकालीन दर्शन – प्रातः ४:३० से ४:४५ तक
काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – सुबह 5:00 से शाम 5:30 तक
श्री दर्शन या प्रातःकालीन दर्शन – सुबह 5:30 बजे से रात में चन्द्रोदय से 90 मिनट पहले
पूजा, अभिषेक, नैवेद्य – चंद्रोदय से 90 मिनट पहले (इस दौरान मंदिर में भक्तों को अनुमति नहीं है)
रात में आरती या प्रार्थना – चंद्रोदय के बाद (अभिषेक के बाद पूजा)
श्री दर्शन – कतार के बाद आरती तक
मंदिर के बंद होने से पहले शेजार्ती या अंतिम आरती – चंद्रोदय के 90 मिनट

माघी श्री गणेश जयंती

श्री दर्शन या प्रातःकालीन दर्शन – प्रातः ४:०० से अपराह्न ४:४५ तक
काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – सुबह 5:00 से शाम 5:30 तक
श्री दर्शन या प्रातःकालीन दर्शन – प्रातः ५:३० से प्रातः १०:४५ तक
पूजा, अभिषेक, नैवेद्य और आरती – सुबह 10:45 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
श्री दर्शन – दोपहर १:३० से 1:२० तक
आरती या प्रार्थना – शाम 7:30 बजे से रात 8:00 बजे तक
श्री दर्शन : रात 8:00 बजे से शेजारती तक
मंदिर बंद होने से पहले दिन की शेजार्ती या अंतिम आरती – रथ-शोभा यात्रा के बाद

भाद्रपद श्री गणेश चतुर्थी

श्री दर्शन या प्रातःकालीन दर्शन – प्रातः ४:०० से अपराह्न ४:४५ तक
काकड़ आरती या सुबह की प्रार्थना – सुबह 5:00 से शाम 5:30 तक
श्री दर्शन या प्रातःकालीन दर्शन – प्रातः ५:३० से प्रातः १०:४५ तक
पूजा, अभिषेक, नैवेद्य और आरती – सुबह 10:45 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक
श्री दर्शन – दोपहर १:३० से 1:२० तक।
शाम को आरती या प्रार्थना – शाम 7:30 बजे से रात 8:00 बजे तक
श्री दर्शन या रात्रि दर्शन – रात्रि to:०० बजे से १०:०० बजे तक
मंदिर बंद होने से पहले दिन की शेजार्ती या अंतिम आरती – रात 10:00 बजे

मुंबई के लोग सिद्धिविनायक मंदिर में जाने का आनंद क्यों लेते हैं?

श्री सिद्धि विनायक, इस मंदिर के देवता विनायक [गणेश] (siddhivinayak ganesh) भक्तों के बीच एक आम धारणा के अनुसार अपनी इच्छाओं को प्रदान करने के लिए माना जाता है। वास्तव में “सिद्धि” का अर्थ है प्राप्ति। यह इस तथ्य के साथ कि श्री गणेश जी सबसे अधिक प्रिय देवताओं में से एक हैं, जो हमारे लोगों के उत्साह को बढ़ाते हैं और उन्हें मुंबई के इस प्रसिद्ध मंदिर में जाने के लिए प्रेरित करते हैं।


[Shree Siddhivinayak Temple] भगवान गणेश को समर्पित सिद्धिविनायक मंदिर सपनों की नगरी मुंबई के प्रभादेवी में स्थित

श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर एक हिंदू मंदिर है जो भगवान श्री गणेश को समर्पित है। श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर..


श्री सिद्धिविनायक मंदिर – न्यू जर्सी

श्री सिद्धिविनायक मंदिर न्यू जर्सी (यूएसए) 1916 Lakewood Rd।, टॉम्स नदी, एनजे 08755 2012 के अंत में 6 एकड़ की संपत्ति खरीदी गई थी; भूमिपूजन जून में किया गया था; चरण 1 में , 3,300 वर्ग फुट पर मंदिर और अन्य साइट जैसे कि पार्किंग स्थल, भूनिर्माण, साइनेज को उसी गर्मियों में मंजूरी दी गई थी। मुंबई के […]


8 famous temples of Ganesha

8 famous temples of Ganesha

1801 was built by Shri Lakshman Vitu and Deewai Patil Since then, Shri Siddhivinayak Temple is famous in the country as well as abroad and lakhs of devotees come to visit Siddhivinayak.


गणेश जी की आरती

गणेश जी की आरती हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार हर शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा की जानी चाहिए  और पूजा के बाद श्री गणेश जी की आरती जरुर गाना चाहिए | || जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा || जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवाजय गणेश, जय गणेश, जय गणेश […]


आओ गजानन प्यारे

आओ गजानन प्यारे गिरजा के दुलारे (aao gajanan pyare girja ke) ॥ सब देवन में देव कहाएपूजो चरण तुम्हारे  गिरिजा के दुलारे ॥ हरी हरी दूबा तुमको चढ़ाएचंदन झूला डारे गिरिजा के दुलारे ॥ लड़ुअन को हम भोग लगाएपलक पावड़े डारे गिरिजा के दुलारे ॥ आज मनाए आसन लगाकेगा गा गीत तुम्हारे गिरिजा के दुलारे ॥ […]


एशिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर – जटोली शिव मंदिर [Asia’s tallest Shiva temple – Jatoli Shiva Temple]

पहाड़ की पर निर्मित बहुत ही भव्य और शानदार शिव मंदिर जो की दक्षिण-द्रविड़ शैली में बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण जनता के सहयोग से 1974 में किया गया था। जटोली…..


महादेव


एशिया का सबसे ऊँचा शिव मंदिर – जटोली शिव मंदिर [Asia’s tallest Shiva temple – Jatoli Shiva Temple]

पहाड़ की पर निर्मित बहुत ही भव्य और शानदार शिव मंदिर जो की दक्षिण-द्रविड़ शैली में बनाया गया है। इस मंदिर का निर्माण जनता के सहयोग से 1974 में किया गया था। जटोली…..



शिवलिंग का अर्थ और उससे जुड़ी मान्यताऐं 

जानकारी और ज्ञान के आभाव के कारण शिवलिंग को कुछ लोग पुरुष के शरीर के एक अंग से सम्बंधित कर भ्रमित करते हैं जबकि यह सच नहीं है। भारत की संस्कृति …….


हनुमान


श्री हनुमान चालीसा

-: दोहा :-
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमनु मुकुरु सुधारि
बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार



हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।

जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके।।


श्री शनि देव

Jagannathv
शनि चालीसा

॥दोहा॥
जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल करण कृपाल ।दीनन के दुःख दूर करि, कीजै नाथ निहाल ॥ जय जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महाराज ।करहु कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज ॥

Jagannathv
शनि कवचं

अथ श्री शनिकवचम्
अस्य श्री शनैश्चरकवचस्तोत्रमंत्रस्य कश्यप ऋषिः IIअनुष्टुप् छन्दः II शनैश्चरो देवता II शीं शक्तिः II शूं कीलकम् II शनैश्चरप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः IIनिलांबरो नीलवपुः किरीटी गृध्रस्थितस्त्रासकरो धनुष्मान् II

श्री राम

Jagannathv

श्री राम चालीसा

श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥
निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥1॥
ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥
दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥2॥

Jagannathv

आरती श्री राम जी

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्।
नव कंज लोचन, कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन
कन्दर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुन्दरम्।
पट पीत मानहुं तड़ित रूचि-शुचि