तृतीय दुर्गा : श्री चंद्रघंटा मंत्र

तृतीय दुर्गा : श्री चंद्रघंटा मंत्र

तृतीय दुर्गा : श्री चंद्रघंटा मंत्र

पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैयुता।
प्रसादं तनुते मद्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

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