ज्योतिर्लिंग

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जैसे की अपने पहले भी हमारी वेबसाइट घुमतेगणेश.कॉम पर पढ़ा होगा की शिव लिंग का अर्थ है ‘शिव का चिन्ह’ ‘शिव का प्रतिक’ एक चिन्ह जो की हमे शिव की याद दिलाता है और शिव लिंग हर भक्त के लिए बहुत ही पवित्र और पूजनीय है। ज्योतिर्लिंगों को हिन्दू ग्रन्थों में शीर्ष स्थान प्राप्त है मतलब की ये अति पवित्र और पूजनीय है।

शिव सर्वशक्तिमान हैं और भारतवर्ष के चिन्हित १२ ज्योतिर्लिंगउसी सर्वशक्तिमान शिव का उज्ज्वल चिन्ह है।

इन सभी १२ ज्योतिर्लिंग के प्रति सभी की विशेष श्रद्धा है क्यूंकि ऐसा मन जाता है की सबसे पहले भगवान शिव अरिद्रा नक्षत्र की रात को पृथ्वी पर स्वयं को इन १२ ज्योतिर्लिंगों के स्थान पर प्रकट किया था। ज्योतिर्लिंग मंदिर वे मंदिर हैं जहां शिव प्रकाश के एक उग्र स्तंभ के रूप में प्रकट हुए थे।

मूल रूप से ६४ ज्योतिर्लिंग थे जिनमें से १२ को अत्यधिक शुभ और पवित्र माना जाता है। बारह ज्योतिर्लिंग स्थलों में से प्रत्येक पीठासीन देवता का नाम लेता है और सभी १२ ज्योतिर्लिंग ने भगवान शिव का एक अलग रूप है। भगवान शिव शक्ति के देवता हैं। माना जाता है कि उसके पास कुछ भी ठीक करने की शक्तियां हैं।

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