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ऋण मुक्ति गणेश स्तोत्रम

ऋण मुक्ति गणेश स्तोत्रम

इस स्तोत्र का नियमित 11 बार रोज पाठ करने से शीघ्रातिशीघ्र कर्जों से छुटकारा मिल जाता है |

|| विनियोग ||

अस्य श्री ऋण विमोचन महा-गणपति स्तोत्रमन्त्रस्य शुक्राचार्य ऋषि:,
ऋणविमोचन महागणपतिर्देवता, अनुष्टुप छन्द:,
ऋणविमोचनमहागणपतिप्रीत्यर्थे जपे विनियोग: ।

ऊँ स्मरामि देवदेवेशं वक्रतुण्डं महाबलम ।
षडक्षरं कृपासिन्धुं नमामि ऋणमुक्तये ।।1।।

महागणपतिं वन्दे महासेतुं महाबलम ।
एकमेवाद्वितीयं तु नमामि ऋणमुक्तये ।।2।।

एकाक्षरं त्वेकदन्तमेकं ब्रह्म सनातनम ।
महाविघ्नहरं देवं नमामि ऋणमुक्तये ।।3।।

शुक्लाम्बरं शुक्लवर्णं शुक्लगंधानुलेपनम ।
सर्वशुक्लमयं देवं नमामि ऋणमुक्तये ।।4।।

रक्ताम्बरं रक्तवर्णं रक्तगंधानुलेपनम ।
रक्तपुष्पै: पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ।।5।।

ऋण मुक्ति गणेश स्तोत्रम
ऋण मुक्ति गणेश स्तोत्रम

कृष्णाम्बरं कृष्णवर्णं कृष्णगंधानुलेपनम ।
कृष्णयज्ञोपवीतं च नमामि ऋणमुक्तये ।।6।।

पीताम्बरं पीतवर्णं पीतगंधानुलेपनम ।
पीतपुष्पै: पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ।।7।

सर्वात्मकं सर्ववर्णं सर्वगन्धानुलेपनम ।
सर्वपुष्पै: पूज्यमानं नमामि ऋणमुक्तये ।।8।।

एतदृणहरं स्तोत्रं त्रिसन्ध्यं य: पठेन्नर: ।
षण्मासाभ्यन्तरे तस्य ऋणच्छेदो न संशय: ।।9।।

सहस्त्रदशकं कृत्वा ऋणमुक्तो धनी भवेत ।।10।।


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आमंत्रण
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