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आमंत्रण

आमंत्रण

घूमते गणेश आयोजन में मंगलमूर्ति श्रीगणेश को आमंत्रित करने के लिए यजमान को शहर के बंधू बांधवो को आमंत्रित करना होगा ताकि अधिक से अधिक लोग आशीर्वाद ले सके साथ ही गणराज भी भक्तो की भीड़ से आनंदित हो उठे , तीन दिनों के इस आयोजन में विघ्हर्ता के सिंहासन को सजा कर , भक्तो और गणपति महाराज के भंडारे का आयोजन करना होगा। इस आयोजन में नियमित रूप से सुबह शाम श्रृंगार , भव्य महाआरती , भोग प्रसादी और अथर्वशीर्ष का १०८ बार पाठ होगा , गणेश गायत्री मंत्र की आहुति होगी और भजन होंगे।

आमंत्रण
आमंत्रण

गणपति महाराज के इस अनूठे आयोजन में गणराज अपने सेवादार, आचार्य , भजन मंडली और सेवक मंडली के साथ ले के पधारेंगे

घूमते गणेश के इस आयोजन में विघ्नहर्ता मंगलमूर्ति के भव्य मंदिर का भी निर्माण किया जायेगा। गणेश यजमान के परिजनों और बांधवो के यंहा भ्रमण पर भी जायेंगे , इस समय घूमते गणेश के स्थान पर नन्हे गणेश उनके सिंहासन पर विराजमान होंगे और भक्तों को दर्शन देंगे मंदिर में रोजाना भण्डारे और प्रसादी की व्यवस्था चलती रहेगी । भंडारे में रोज विभिन्न प्रकार के लड्डुओं , मोदक और मिष्ठान्नों के भोग के साथ खिचड़ी बनेगी।


कहाँ कहाँ जायेंगे
आयोजन

घूमते गणेश आयोजन में मंगलमूर्ति श्रीगणेश को आमंत्रित करने के लिए यजमान को शहर के बंधू बांधवो को आमंत्रित करना होगा.........


कहाँ कहाँ जायेंगे
साथ कौन कौन होगा

गणपति महाराज के इस अनूठे आयोजन में गणराज अपने सेवादार, आचार्य , भजन मंडली और सेवक मंडली के साथ ले के पधारेंगे.........


कहाँ कहाँ जायेंगे
घुमतेगणेश के सामाजिक कल्याण उदेश्य से जुड़े

घूमतेगणेश द्वारा विभिन्न प्रकार के सामाजिक कल्याण, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य.........


कहाँ कहाँ जायेंगे
घूमते गणेश का मंदिर

घूमते गणेश के इस आयोजन में विघ्नहर्ता मंगलमूर्ति के भव्य मंदिर का भी निर्माण किया जायेगा। गणेश यजमान के परिजनों.........

श्री गणेश

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

दक्षिण भारत में गंगा लाये गणपति 

शिव पार्वती के विवाह में सम्मिलित होने और विवाह के बाद शिव पार्वती के दर्शन करने के लिए लोग बड़ी संख्या में कैलाश पर्वत की ओर जाने लगे। इतने सरे लोगो में कैलास पर्वत की ओर जाने….



किस युग में गणेश क्या कहलाये…

हर युग में गणपति धरती पर पधारें हैं। हर युग की आवश्यकताओं के आधार पर, श्री गणपति के जो अवतार हुए हैं, वे हैं- क्रतयुग (सत्ययुग) महोक्तक विनायक जो की ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी अदिति से में पैदा हुए थे।